जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश, लोक सुरक्षा और लोकशांति के आधार पर हुई कार्रवाई; गम्भीरपुर के मो. आरिफ के दो लाइसेंस शामिल
आजमगढ़। जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा और आपराधिक मामलों से जुड़े लाइसेंसधारियों के संबंध में की गई न्यायालयीय कार्रवाई के तहत जिलाधिकारी न्यायालय ने सात शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं। वहीं एक अन्य मामले में लाइसेंसधारी की मृत्यु हो जाने के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, जिलाधिकारी आजमगढ़ के न्यायालय ने 15 सितंबर 2026 को भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 17(3) के तहत विभिन्न मामलों में आदेश पारित किए। पुलिस आख्या, आपराधिक इतिहास, शस्त्र एवं कारतूसों के उपयोग तथा अन्य उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई।
गम्भीरपुर के मो. आरिफ के दो लाइसेंस निरस्त
गम्भीरपुर थाना क्षेत्र के कमरावों निवासी मो. आरिफ के राइफल और रिवॉल्वर के दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2018 का पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला भी शामिल है, जो विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है।
पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और शस्त्र लाइसेंस की शर्तों से संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के दृष्टिगत दोनों लाइसेंस निरस्त किए।
अन्य मामलों में भी लाइसेंस निरस्त
कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह का एनपीबी राइफल लाइसेंस निरस्त किया गया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में दर्ज एक मामला विचाराधीन है और संबंधित राइफल थाने में जमा है।
महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया। पुलिस आख्या में उनके खिलाफ विभिन्न वर्षों में दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, बलवा समेत अन्य धाराओं से संबंधित मामले शामिल हैं।
बरदह थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो का डीबीबीएल गन लाइसेंस निरस्त किया गया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ अलग-अलग वर्षों में कई आपराधिक अभियोग दर्ज हुए हैं। इनमें आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव का एसबीबीएल गन लाइसेंस भी निरस्त किया गया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ वर्ष 2025 में दर्ज एक मामले में आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। पुलिस आख्या में शस्त्र और कारतूसों से संबंधित विवरण का भी उल्लेख किया गया।
फूलपुर के मामले में लाइसेंसधारी की मृत्यु
फूलपुर थाना क्षेत्र के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख के रिवॉल्वर लाइसेंस के संबंध में भी न्यायालयीय कार्रवाई हुई। पुलिस के अनुसार, लाइसेंसधारी की 4 सितंबर 2024 को मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी और लाइसेंस पंजिका में इसे निरस्त दर्ज करने तथा आगे नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संबंधित अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां करने तथा शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शस्त्र लाइसेंसों के दुरुपयोग, आपराधिक मामलों और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़े मामलों में न्यायालयीय आदेशों के आधार पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।