गोवंश के अवैध परिवहन से जुड़े मामलों में तीन वाहन राज्य सरकार के पक्ष में जब्त, एक वाहन साक्ष्य के अभाव में अवमुक्त
आजमगढ़। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई और न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन के क्रम में आजमगढ़ में एक व्यक्ति को तीन माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही गोवंश के अवैध परिवहन से जुड़े मामलों में प्रयुक्त तीन वाहनों को राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित करने के न्यायालयीय आदेश हुए हैं। एक अन्य वाहन को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर नियमानुसार अवमुक्त करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, थाना पवई क्षेत्र के मौजा बसही अशरफपुर निवासी परविन्द उर्फ नाटे के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ के न्यायालय में वाद संख्या 543/2026 की सुनवाई के बाद 16 सितंबर 2026 को उसे आदेश की तिथि से 24 घंटे के भीतर जिले की सीमा से बाहर जाने और तीन माह तक आजमगढ़ में प्रवेश नहीं करने का आदेश दिया गया।
पुलिस के अनुसार, परविन्द के खिलाफ पवई थाने में वर्ष 2019 से 2025 के बीच विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आबकारी अधिनियम, मारपीट व धमकी, गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं।
तीन वाहन राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित
जीयनपुर थाना क्षेत्र में मुकदमा संख्या 581/2023 से संबंधित ट्रक संख्या UP52-F-7823 को गोवंश के अवैध परिवहन में प्रयुक्त किए जाने के मामले में न्यायालय ने राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित करने का आदेश दिया। पुलिस के मुताबिक, वाहन से नौ जीवित गोवंश बरामद किए गए थे। जिलाधिकारी के न्यायालय ने 15 सितंबर 2026 को संबंधित अधिनियम की धारा 5(ए)(7) के तहत यह आदेश पारित किया।
फूलपुर थाना क्षेत्र में मुकदमा संख्या 173/2022 से संबंधित बोलेरो मैक्सी ट्रक संख्या UP65-CT-9387 को भी राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित करने का आदेश हुआ। पुलिस के अनुसार, वाहन से दो गाय बरामद हुई थीं, जिनमें एक जीवित और एक मृत थी। मामले में गोवंश के अवैध परिवहन का आरोप था। जिलाधिकारी न्यायालय ने 15 सितंबर को वाहन के संबंध में सम्पहरण का आदेश पारित किया।
वहीं जहानागंज थाना क्षेत्र के मुकदमा संख्या 33/2025 में पिकअप संख्या UP60-AT-8071 को राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित करने का आदेश दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में पिकअप से पांच गोवंश के अवैध परिवहन का आरोप था।
इसी मामले में संबंधित डीजायर कार संख्या UP54-AY-0356 को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर, यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो, तो पहचान सत्यापन के बाद नियमानुसार वाहन स्वामी को अवमुक्त करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इन मामलों में संबंधित न्यायालयों में प्रभावी पैरवी और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आदेश पारित हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में वैधानिक कार्रवाई के साथ न्यायालयों में प्रभावी पैरवी और न्यायालयीय आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।