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घाघरा का जलस्तर तेजी से घटा, कटान का खतरा बढ़ा


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

दो दर्जन गांव अब भी पानी से घिरे, फसलें बर्बाद होने से किसान चिंतित

आज़मगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर से होकर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर एक सप्ताह तक लगातार बढ़ने के बाद अब तेजी से घटने लगा है। जलस्तर में कमी के बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। खेतों और गांवों के आसपास करीब एक सप्ताह तक पानी जमा रहने से ज्वार, बाजरा, गन्ना, धान और सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।

चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा के 28 मजरे, भदौरा तालुका नैनिजोर, शाहडीह, बांका, बुढ़नपट्टी, सोनौरा, रोशनगंज और हैदराबाद समेत करीब दो दर्जन गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इन गांवों में आवागमन की समस्या बनी हुई है। अभन पट्टी-मानिकपुर, खरैलिया-सोनौरा, हैदराबाद, रोशनगंज और बेलहिया संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में करीब 10 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित बताई जा रही है। लोगों की आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से अब तक नौ नावें लगाए जाने की जानकारी है।

बच्चों की बढ़ी परेशानी

बाढ़ प्रभावित सरकारी विद्यालयों को बंद कर दिया गया है, लेकिन बांध के दूसरी ओर स्थित निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूली बसें बच्चों को बांध तक छोड़ देती हैं। इसके बाद बच्चों को पानी और कीचड़ से होकर पैदल घर जाना पड़ता है।

बाढ़ से निपटने के लिए क्षेत्र में दस बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जलस्तर घटने के साथ ही कुछ बाढ़ चौकियों से कर्मचारी नदारद हो गए हैं। हालांकि शासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक सभी प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंच सकी है। कुछ परिवारों के सामने भोजन और अन्य जरूरी सामान की समस्या भी बनी हुई है।

जलस्तर घटने के साथ कटान की आशंका

घाघरा का जलस्तर तेजी से घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है। देवारा खास राजा के झगरहवा गांव, हाजीपुर-गोला पुल के पास, सहबदिया और बरामदपुर क्षेत्र में कटान की आशंका से ग्रामीण और किसान चिंतित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा में बदलाव होने पर खेतों और आबादी को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और कटान रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है।

डिघिया में खतरा बिंदु से 79 सेंटीमीटर ऊपर नदी

डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 79 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। शुक्रवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.37 मीटर था, जो शनिवार शाम चार बजे घटकर 71.19 मीटर रह गया। इस तरह 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई।

डिघिया गेज का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर दर्ज किया गया है।

बदरहुआ में 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर घटा जलस्तर

बदरहुआ गेज पर भी घाघरा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई। शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 72.18 मीटर था, जो शनिवार शाम चार बजे घटकर 72.02 मीटर रह गया। इस तरह 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई।

बदरहुआ गेज का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। यहां नदी अभी भी खतरा बिंदु से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गेज का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर दर्ज किया गया है।

जलस्तर में कमी के बावजूद नदी के खतरा बिंदु से ऊपर बहने और कई गांवों में पानी जमा होने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें फिलहाल बनी हुई हैं।


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