पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की दी गई जानकारी, UPSC, UPPSC, NEET और JEE सहित विभिन्न परीक्षाओं पर हुई चर्चा
आजमगढ़। मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के प्रचार-प्रसार और छात्राओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन देने के लिए बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लगभग 300 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। अधिकारियों ने छात्राओं को UPSC, UPPSC, NEET, JEE Main, NDA, CDS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उपलब्ध मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण की जानकारी दी।
15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं आईएएस सिद्धार्थ सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक सदर ईश्वर लाल गुर्जर, क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी और जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने छात्राओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत UPSC, UPPSC, UPSSSC और अन्य भर्ती बोर्डों की परीक्षाओं के साथ-साथ NEET, JEE Main, NDA, CDS, बैंकिंग, SSC, B.Ed. और TET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के बारे में बताया गया।
अधिकारियों ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करने, नियमित अभ्यास करने और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अनुशासन और निरंतर प्रयास के महत्व पर भी जोर दिया गया।
महिला सशक्तीकरण पर जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर निर्माण के अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देकर छात्राओं को अपने भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण और छात्राओं को करियर के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।