Breaking News

शासन के एक भी आदेश का प्राईवेट स्कूलो पर नही दिखता असर।

मऊ।

रतनपुरा।

बीना मान्यता के चलते रहे स्कूल।

अपने आप हो रही किताब बिक्री , शुल्क की कोई सीमा नही।

प्रदेश सरकार का आदेश है कि बीना मान्यता प्राप्त विद्यालय किसी भी हालत मे बन्द हो। किंतु शिक्षा विभाग की ओर से लागू नियम केवल कागज पर ही दिख रहे है। कान्वेंट स्कूलो मे सरकार के आदेश को न मानते हुए आज भी कापी किताब व पोशाक मनमाने मूल्य पर स्कूल  अथवा किसी खास दूकान पर ही मील रहे  है ।पूरे जिले मे कुछ ही विद्यालय अंग्रेज़ी माध्यम से  मान्यता प्राप्त है किन्तु रतनपुरा ब्लाक मे ही अंग्रेज़ी के नाम पर स्कूलो की भरमार लगी है जो गरीब  अभिभावक को शिक्षा के नाम पर लुटने के धंधे को बेखौफ चला रहे है और मोटी रकम कमा रहे है ।यही नही जिन्होंने केवल हाईस्कूल की मान्यता प्राप्त कर ली है वे भी ईनटरमीडिएट की क्लास दो गुना शुल्क लेकर चला रहे है । जिसके पास मौजूदा समय मे न ही मान्यता, न ही कोई योग्य अध्ययन कराने वाले शिक्षक और न ही कही प्रयोगशाला देखने को मिल सकती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह शिक्षा हमारे  आने वाली पीढ़ी को  बर्बाद कर रही है या शिक्षा का अस्तित्व  उज्ज्वल करने मे सहारा दे सकती है। क्या शासन प्रशासन की ओर से  इस कारोबार के संचालको के लिए कठोर कदम उठाए जाने नही चाहिए जिससे बालिका वर्ग को मुफ्त शिक्षा मील सके।शिक्षा का  उत्थान हो समाज खुशहाल हो  और सरकारी नितियो का सुचारू रूप से विकास हो सके साथ ही साथ शिक्षा के प्रति भी जागरूकता हो तथा शिक्षा के नाम पर लूट खसोट करने  वालों पर शासन के तरफ से कठोर कार्रवाई हो सके संचालको के स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ मानक के  अनुरूप भूमि भवन की जांच हो।

रिपोर्ट - ए के यादव

आप सभी पाठकों को हमारे लेख कैसे लगे, अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य दें।         

http://samacharindialive.blogspot.com

https://www.facebook.com/samacharindialive
                              
                         समाचार इंडिया लाइव
                               ब्यूरो मऊ

    

और नया पुराने