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शांति व्यवस्था के मद्देनजर बनी आपसी सहमति।

आज़मगढ़।

सरायमीर।

सरायमीर  कस्बा में आज दिन शनिवार को दो मुहर्रम का जुलूस सुबह सिराजी के पूरा स्थिति इमामबाड़ा से निकाल कर चौक पर स्थिति अज़ा खाना अबुतालिब चौक पर ग्यारह बजे तक पहुंचने वाला था।
परन्तु शिया समुदाय के लोगों जुलूस के रास्ते में दशहरा मेला के समिति द्वारा सजावट को लेकर जुलूस स्थगित करने का फैसला लिया गया था । लेकिन थानाध्यक्ष सरायमीर राम नरेश यादव,  और  सीओ फूलपुर संतोष कुमार सिंह ने शिया मुसलमानों  एवं मेला समिति के बीच बैठक कर समझौता कराया । उसके बाद मुहर्रम जुलूस सिराजी की पूरा से निकालकर अज़ा खाना अबु तालिब चौक पर लाया गया । जुलूस निकालने से पूर्व मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शारिब अब्बास ने कहा कि इमाम हुसैन अ0 स0 ने अपने 72 साथियों को साथ लेकर जो बलिदान दिया था। वह किसी जाति धर्म के लिए नही बल्कि पूरे दुनिया के मानवता के लिए दिया था । यही कारण है कि मुहर्रम का चांद निकलते ही पूरे  विश्व में सभी जाति धर्म के लोग किसी न किसी रूप शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं । मौलाना सैय्यद जिशान अली निजामाबादी ने संबोधित करते हुए मोहम्मद साहब के कुम्भा पर  होने वाला अत्याचार का ब्यान किया । जुलूस में शामिल महिलाएं व पुरूषों के आंखों से आंसू जारी हो गए । जुलूस में आए बाहरी अंजुमनों के नौहाखान आमिर फैजाबादी ने नौहा पढ़कर महौल को सोगवार बना दिया । कार्यक्रम के अन्त में शिया कमेटी के अध्यक्ष कायम रजा और प्रवक्ता मोहम्मद ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट- यासीर
ब्यूरो आज़मगढ़।

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