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यूपी यात्रा को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस, गम्भीर विषयों पर हुई चर्चा।

आज़मगढ़।

सरायमीर: युपी यात्रा के प्रतिभागी ने आज कस्बा सरायमीर में प्रेसवार्ता को सम्बोधित किया।पूर्व आई. पी. एस. अधिकारी एस. आर. दारापुरी ने कहा कि संविधान की,  लोकतंत्र और समाजिक न्याय जैसा विषय पर गांव और कस्बों की  जनता से संवाद आज समय की जरूरत है । 

जिस तरह से वर्तमान सत्ता ने समाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों, पत्रकारों और लेखकों को अति  गम्भीर मामले में गिरफ्तार किया है और सैकड़ों ऐसे लोगों के घरों पर छापेमारी की गयी है उससे  भय का माहौल उत्पन्न हुआ जो  असंवैधानिक और लोकतंत्र को कमजोर करने  वाला है । उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाईयों से सरकार  विरोध के  स्वर का  दमन करना चाहती है ।  इसी तरह का माहौल उत्तर प्रदेश में बनाने की  कवायद चल रही है । मेरठ में भीम आर्मी के नेताओं की  गिरफ्तारी इसी दमन चक्र की कड़ी है । यात्रा के संयोजको गुफरान सिद्दीकी और राजीव यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाहियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है । लेकिन आश्चर्य की बात है कि केवल मुसलमानों और दलितों पर ही रासुका लगाया गया है । ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि  क्या मुसलमान और दलित राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हैं? बाराबंकी और बहराइच के बाद आजमगढ़ में सबसे अधिक लोगों को रासुका के तहत निरुद्ध किया गया है । इन रासुका पीड़ितों में अधिक तर गरीब वर्ग के लोग शामिल हैं । बहराइच के दिहाड़ी मजदूर व रिक्शा चालक पर रासुका लगाया गया है तो बाराबंकी में साईकिल पंक्चर बनाने और फेरी करने वाले इसका  शिकार हुए हैं उन्होंने कहा कि  आजमगढ़ में भी  रासुका के तहत निरुद्ध रकीब गुमटी में नाई अपनी  आजीविका चलाता था तो आसिफ टेलरिंग का काम करता था ।  इसी तरह साकिब भी एक सामान्य परिवार का सदस्य है ।  इन सभी का पहले से कोई अपराधिक रिकॉर्ड नही है । परिजनों का आरोप है कि  जिन मुकदमों में इन्हें गिरफ्तार कर रासुका लगाया गया है वह पूरी  तरह फर्जी है । दोनों संयोजको ने कहा कि प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के नाम पर जो इनकाउंटर अभियान चलाया गया है उसे लेकर गम्भीर सवाल उत्पन्न हुए हैं ज्यादातर मामले में परिजनों का आरोप है कि  पीड़ित को पुलिस ने पकड़ कर गोलियां मारी है । आजमगढ़ में ऐसे छः  मामले हैं जहां इनकाउंटर में लोग मारे गये हैं । इनमें कुछ की मानवाधिकार आयोग जाच भी कर  रहा है । जबकि फर्जी इन्काउंटर के मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय में भी मामला विचाराधीन है ।प्रेस वार्ता को शकील कुरैशी, जुलेखा जबीं, सृजन योगी आदियोग आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ज्योति राय, रवीश आलम, दीपक, मेहदी हसन, शहरुख, आशिश कुमार, पर्वेज़, गुलाम अम्बिया, सालिम दाऊदी, तारिक शफीक़ शाह आलम शेरवानी आदि उपस्थित थे।

रिपोर्ट: मोहम्मद यासिर

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