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उपजिलाधिकारी सगड़ी के निरन्तर प्रयास से बाढ़ पीड़ीतों को मिल रही सुविधाएँ।

आज़मगढ़।

सगड़ी,आजमगढ़।

गोरखपुर से सम्पर्क कर दिलाया आसरा।

उपजिलाधिकारी सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव के अथक प्रयास से बाढ़ पीड़ीतों को मिली राहत,चौकियों पर पर्याप्त नाव तैनात।

घाघरा नदी के बाढ़ से प्रभावित गांव सेमरी में कुछ परिवार का छप्पर कटान से कट गया था। कुछ परिवार को विस्थापित होना पड़ा ।इसके बाद इन्हें वहीं पास के सेमरी के स्कूल में रखा गया था। बाद में वहां भी पानी भर जाने पर इन्हें पास के बांध पर ही विस्थापित कर दिया गया ।इसमें से कई ऐसे परिवार हैं जो गोरखपुर में रहते हैं। उनके पास अपना आवास भी है। इस बाढ़ से प्रभावित लोगों को तीन बार मानक के अनुसार राहत सामग्री चावल, दाल ,आटा, नमक, तेल, मिट्टी का तेल ,मोमबत्ती ,मसाला, माचिस आदि सामग्री दी गई। इनके लिए गोरखपुर के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर राहत शिविर बनाने हेतु विद्यालय मांगा गया था ।

गोरखपुर से स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद प्राथमिक विद्यालय ढबिया क्षेत्र बेलघाट,गोरखपुर को राहत शिविर बनाया गया ।वहां लोगों के रहने के लिए बिस्तर चारपाई, खाने-पीने की समुचित व्यवस्था का प्रबंध किया गया । मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशुओं के लिए भूसा की व्यवस्था कर दी हैं। इनको तीन बार राहत सामग्री का वितरण किया गया ।आगे भी आवश्यकता अनुसार वितरण किया जाएगा ।इस में से अधिकतर लोग बांध पर ही रहते हैं कुछ लोग हैं जो राहत शिविरों में भी रहते हैं ।राजस्व निरीक्षक, लेखपाल ,नायब तहसीलदार को उपजिलाधिकारी सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने निर्देशित किया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत शिविर में रखें। साथ ही खंड विकास अधिकारी से वहां साफ सफाई कर्मचारी की व्यवस्था के लिए भी निर्देश दिया।  देवारा खास राजा  का त्रिलोकी पुरवा जो कटान से प्रभावित गांव है ।इसके लिए प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर को राहत शिविर के रूप में बनाया गया हैं । कटान से प्रभावित सभी लोगों को छप्पर डलवाकर गांव में ही उनके कहने पर सुरक्षित विस्थापित कर दिया गया। इनके खाद्यान्न का भी उचित प्रबंध किया गया है । ग्राम प्रधान,  लेखपाल , राजस्व निरीक्षक सक्त निर्देश हैकि यदि कोई व्यक्ति को गांव में रहने में कोई समस्या हो रही है तो वह राहत शिविर में आकर रह सकता है ।इसका प्रभारी नायब तहसीलदार इन्द्रमणि तिवारी  को बनाया गया है । चौकियों पर राजस्व कर्मचारी,पशु विभाग के लोग रहते हैं।डॉक्टर के ना आने की कभी कभी शिकायत मिलती रहती है ।जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी लिखित इस आशय की जानकारी दी गयी है। सभी चौकियों पर डॉक्टर को रहने के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही सभी गांव में  क्लोरीनीकरण के लिए लिखा गयि है। सभी  चौकियों के प्रभारी के पास लाइफ बेल्ट जैकेट भी मौजूद है ।यह लोग नाव से जाकर गांव में दवाओं का छिड़काव, लोगों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएं ।ऐसा ना करने की शिकायत मिल रही है जिसे खिलाफ कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है ।तथा इन को निर्देशित किया गया है कि कल से गांव में जाएं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भूसा की पर्याप्त मात्रा है कभी कभी नाव पर अधिक लोगों के बैठने की शिकायत मिलती हैं जिसके लिए थानाध्यक्ष महाराजगंज वथानाध्यक्ष रौनापार को शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी लगाने और जिनकी ड्यूटी लगी है उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए  निर्देश दिया गया है। वहीं निरीक्षण के समय यह मिल रहा है कि पुलिसकर्मी बाढ़ चौकियों पर उपस्थित नहीं हैं। इसके लिए क्षेत्राधिकारी को पत्र लिखा गया है।उपस्थिति सुनिश्चित कराएं अन्यथा की स्थिति में यह जिम्मेदार माने जाएंगे। लोगों को यदि कोई समस्या हो तो आपदा के कंट्रोल रूम पर शिकायत कर सकते हैं जिसका निस्तारण शीघ्र किया जाएगा।

वर्तमान में 121 नाव चलाई जा रही हैं ।यह नाव संबंधित बाढ़ चौकियों से संचालित की जा रही है ।यहां पर सभी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने के लिए थानाध्यक्ष को पंजीकृत पत्र भी लिखा गया है ।उनके द्वारा यहां पर कोई भी पुलिस कर्मी की ड्यूटी नहीं लगाई गई है । जिनकी लगी हुई है वह रहते नहीं हैं। जिससे कई बार नाव पर अधिक लोग सवार होकर चले जाते हैं। इसलिए थानाध्यक्ष ,क्षेत्राधिकारी से कहा गया है कि पुलिस कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रखें।

रिपोर्ट: मनोज श्रीवास्तव

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