मऊरानीपुर (झांसी) 25 अक्टूबर 2018 राजकीय हाई स्कूल रेवन ब्लॉक मऊरानीपुर शिक्षण संस्था के प्रधानाचार्य श्रीमती किरण वर्मा की अध्यक्षता में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्वच्छ भारत अभियान पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया इस गोष्ठी में मुख्य वक्ता बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी रहे कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्री राजबहादुर जी ने किया इस आयोजन में शिक्षक श्री विश्वनाथ राजपूत व लाल पटेल राघवेंद्र विशेष रूप से उपस्थित रहे कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती के पूजन के बाद संतोष गंगेले कर्म योगी द्वारा कुमारी रूबी कुमारी आरती कुमारी भारती कुमारी आशा कुमारी गायत्री पांच बेटियों का पूजन कर साहित्य सम्मान देकर किया गया।
विचार गोष्ठी में विचार रखते हुए संतोष गंगेले ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत ही आवश्यक है जब विद्यार्थी मानसिक स्वस्थ होगा वह स्वच्छ भारत अभियान को सफल बना सकेगा साथ ही वह अपने जीवन का अच्छा बुरा निर्णय ले सकेगा प्रत्येक विद्यार्थी शिक्षकों का शिक्षा स्वास्थ्य समाज नशा के दुष्परिणाम एवं अपराध और सुरक्षा के बारे में उचित निर्णय ले सकेगा उन्होंने कहा कि वह बुंदेलखंड में हजारों स्कूलों में पहुंचकर लाखों बच्चों से रूबरू हो चुके हैं जिसके परिणाम बच्चों में भारतीय संस्कृति नैतिक शिक्षा जारी है तथा बच्चों ने अपने चरित्र निर्माण के लिए शंकर दिया है इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करती हुई श्रीमती किरण वर्मा ने कहा कि ऐसे परोपकारी व समाजसेवी व्यक्ति यदि समाज में जन जागृति अभियान चलाकर बच्चों को जागृत करते हैं ऐसे व्यक्तियों को समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए उन्होंने समाजसेवी संतोष गंगेले के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह कभी भी संस्थाओं में आकर बच्चों को विचार रख सकते हैं इसके पूर्व बुंदेलखंड पब्लिक अकादमी देओल पूर्व माध्यमिक विद्यालय में स्कूल संचालक श्री लोकेंद्र यादव एवं प्रधानाचार्य श्री धर्मेंद्र सिंह के सहयोग से संस्था में जन जागृति अभियान गोष्टी का आयोजन किया गया इस आयोजन में अंजली वर्षा शिवि एवं 3 छात्रों को स्वच्छ भारत अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में सहभागिता निभाने के लिए संतोष गंगेले द्वारा सम्मानित किया गया l
मऊरानीपुर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त कृषि विकास खंड अधिकारी पंडित श्री काशी प्रसाद दीक्षित ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मेरी उम्र 87 वर्ष पूर्ण हो रही है लेकिन मुझे नैतिक शिक्षा भारतीय संस्कृति पर कार्य करने वाले समाजसेवी संतोष गंगेले जैसा व्यक्ति नजर नहीं आया बुंदेलखंड क्षेत्र में नैतिक शिक्षा और संस्कृति पर तन मन धन से समर्पित संतोष गंगेले जो काम कर रहे हैं उनके कार्यों को सभी को सराहना करना चाहिए एवं बच्चों को उनके विचारों से प्रभावित होकर जीवन में नया लक्ष्य करना चाहिए
रिपोर्ट: अखिलेश राज