आगरा।
पेयजल समस्या से जूझते यात्री "सूखे कंठ"।
स्टेशन पर सुविधाओ का अभाव।
आगरा:- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश को साफ सुथरा बनाने के लिए स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत मिशन चला रहे हैं। मिशन के तहत गंदगी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर खास तौर पर फोकस किया जा रहा है लेकिन आगरा शहर के यमुना ब्रिज रेलवे स्टेशन पर मिशन की हवा निकलती दिखाई दे रही है। रेलवे स्टेशन पर फैली गंदगी यह बताने के लिए काफी है कि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी "स्वच्छ भारत मिशन" के प्रति कितने समर्पित हैं।
स्टेशन के चारो ओर जगह-जगह पर गंदगी व कूड़ा करकट का अम्बार लगा रहता है। जिससे यात्री व आस पास के लोग बदबू से परेशान हो जाते हैं। इतना ही नहीं, जगह-जगह पान और गुटखे की पीक दिखाई देती हैं। रेलवे परिसर के अलावा आसपास भी गंदगी के ढेर लगे हैं।सफाई कर्मचारी कुछ स्थानों पर सफाई कर कूड़ा परिसर के बराबर में ही कूड़ा डाल कर ढेर लगा देते है व कई-कई दिन बाद कूड़ा उठाते हैं। गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बना हुआ है। यदि कोई रेलवे का अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है तो तत्काल रेलवे स्टेशन की साफ-सफाई करा दी जाती है। इसके अलावा बिना पार्किंग के रेलवे परिसर में वाहन खड़े कर दिए जाते हैं कुछ वाहरी लोग भी बिना किसी रोक टोक के अपने वाहन व ऑटो रिक्शा खड़ा कर देते है व पूरे दिन रेलवे परिसर में आराम फरमाते है जिसके कारण अराजकता का माहौल बना रहता है रेलवे स्टेशन के सामने सड़क पर भी अवैध तरीके से ई-रिक्शा व आटो चालकों का जमा बाड़ा लगा रहता है ।यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है़ यहां सफाई के नाम पर गंदगी का अंबार है़ वैसे इस स्टेशन से प्रत्येक दिन सेंकडो यात्री सफर करते हैं. इसके बाद भी सुविधाएं न के बराबर है़ इस स्टेशन की साफ-सफाई नहीं होने से प्रत्येक दिन गंदगी का अंबार स्टेशन पर लगा रहता है. इसी गंदगी के बीच से होकर यात्री सफर करने के लिए विवश है़ं सफाई नहीं होने से स्टेशन के चारों ओर गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है़ कुछ लोगों को कहना है कि प्लेटफॉर्म की सफाई रोज नही होती जिसके कारण कूड़ा-कचरा का ढेर लगा रहता है. वहीं स्टेशन के प्लेटफार्म पर इसी गंदगी के बीच बैठकर घंटों यात्री ट्रेनों का इंतजार करते है।पेयजल के नाम पर सूखे नल शोपीस बने हुए है।
सेकड़ो यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए मात्र एक टंकी लगी है जिसमे भी पानी साफ व स्वच्छ नही है जो कि पीने योग्य नही है जिस कारण यात्री मजबूर होकर आसपास की दुकानों से पानी खरीद कर पीते है व जो यात्री पानी खरीद नही पाते वह इस दुसित पानी पीने को मजबूर है जिससे बीमार होने का खतरा रहता है।
संवाददाता--अनिल गुप्ता आगरा