मऊ।
रिपोर्ट:विपिन दुबे
बीएसए ओपी त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी के मामले में एक और नया तथ्य सामने आया है। फर्जी शिक्षक ने बहाल न किये जाने के एवज में बीएसए से रंगदारी की भी मांग की थी। अब शहर कोतवाली पुलिस पूरे मामले को गम्भीरता से लेते हुए शिक्षक की कुंडली खंगालने में जुट गयी है। शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसे सामान्य बंदियों के साथ बैरक में रखा गया है। विवेचना के दौरान पुलिस पूरे मामले को और सामने लाने के प्रयास में है। इसके साथ ही कार्रवाई की जद में आये कई और फर्जी शिक्षकों पर पुलिस नजर रख रही है।
बीएसए को जान से मारने की धमकी और रंगदारी की मांग किये जाने के मामले को प्रशासन ने गम्भीरता से लेना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी की सख्ती के बाद फर्जी शिक्षकों से धन की रिकवरी के साथ-साथ इनकी कुंडली खंगाली जा रही है। रानीपुर ब्लाक के मंडूसरा खुर्द में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात प्रेमचंद पंकज के फर्जी पाये जाने के बाद बीएसए की ओर से कार्रवाई की गयी थी। फर्जी शिक्षक ने बीएसए ओपी त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी के साथ-साथ बहाल न किये जाने पर रंगदारी की भी मांग की थी। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में फर्जी शिक्षक को सामान्य बंदियों के साथ रखा गया है। अब पुलिस विवेचना में परत दर परत कार्रवाई की जद में आये फर्जी शिक्षक की कुंडली खंगालने में लग गयी है। उधर, फर्जी शिक्षकों से रिकवरी के लिए प्रशासन ने सख्ती करना शुरू कर दिया है। इससे शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने जनपद के समस्त अधिकारियों को सख्त हिदायत दे रखी है कि दोषी किसी भी कर्मचारी व अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को नहीं बख्शे। इसके बाद जनपद के अधिकारी पूरी तरह से एक्शन में आ गये हैं।
