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किन्नर का शव दफनाने को लेकर हुआ विवाद।

आज़मगढ़।

मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।

विवाद को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात।

उप जिलाधिकारी और सीओ सगड़ी के समझाने पर माने किन्नर।

नवीन परती में दफनाया गया किन्नर का शव।

सगड़ी।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ में किन्नर के शव को दफनाने को लेकर किन्नरों ने मचाया उत्पाद। सूचना पाकर पहुंचे  उप जिलाधिकारी सगड़ी राघवेंद्र सिंह और सीओ सगड़ी शीतला प्रसाद पान्डेय ने किन्नरों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया वहीं नवीन परती में शव को दफनाया गया तब  जाकर किन्नर शांत हुए।
नगर पंचायत अजमतगढ़ में  20 वर्ष पहले से सरोज नाम का किन्नर कई किन्नरों के साथ रहता था। कई दिनों से 50 वर्षीय किन्नर सरोज  की तबीयत खराब चल रही थी। शनिवार की सुबह  सरोज किन्नर की  मौत हो गई। किन्नर शव दफनाने के लिए नूरी मस्जिद के बगल में गढ्ढा  खोद रहे थे। मुस्लिम समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे और कहने लगे यह जमीन हमारी है।
यहां पर शव दफन नहीं होगा। इसके बाद किन्नर उग्र हो गए सूचना पाकर जीयनपुर कोतवाली प्रभारी विमलेश कुमार मोर्य मय फोर्स  के साथ मौके पर पहुंच गए और किन्नरों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किन्नर नहीं माने और उग्र हो गए । किन्नरों का उग्र रूप देखकर कोतवाली प्रभारी द्वारा अपने आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। 
सूचना पाकर मौके पर  उपजिलाधिकारी सगड़ी राघवेंद्र सिंह व सीओ सगड़ी शीतला प्रसाद पांडेय सहित बिलरियागंज, रौनापार सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। इसके बाद उपजिलाधिकारी सगड़ी ने मुस्लिमों और किन्नरों को समझाने का प्रयास किया। वही मुस्लिमों का कहना था कि यह जमीन हमारी है। इसमें हम शव को दफन नहीं करने देंगे। उपजिलाधिकारी ने कानूनगो और लेखपाल को मौके पर बुलाया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कानूनगों लेखपाल और अधिशासी अधिकारी परमानंद सिंह को जमीन तलाश ने को कहा। इस दौरान पता चला कि नगर पंचायत अजमतगढ़ में नऊनिया के पूरा में नवीन परती कि जमीन स्थित है। नवीन परती में प्रशासन द्वारा शव को दफन कराया गया। तब जाकर किन्नर शांत हुए। किन्नर के मौत कि सूचना पाकर जिले भर के किन्नर जुड़ गए। जिसमें  मऊ , घोसी, मोहम्मदाबाद,दोहरीघाट,आजमगढ़ ,लालगंज, लाटघाट, जीयनपुर सहित पूरे क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में किन्नर पहुंचे थे। प्रशासन के हाथ-पांव फूल रहे थे किन्नर किसी तरह माने तो जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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