आज़मगढ़।
सरायमीर। मदरसा इस्लाह के प्रबंधक का हुआ देहांत। मदरसा के कब्रिस्तान में हजारों लोग ने नमाजे जनाजा पढ़ किया दफन।ज्ञात हो कि सरायमीर क्षेत्र के प्रसिद्ध मदरसा इस्लाह वर्तमान रहे प्रबंधक मौलाना मिर्जा अशफाक बेग का जन्म विकास खण्ड मिर्जापुर क्षेत्र के अबडीहा गांव में सन् 1932 को हुआ था।
वह अपनी पढ़ाई मदरसा इस्लाह में करने के बाद उसी मदरसा कुछ वर्षों तक छात्रों को शिक्षा-दीक्षा देने का का काम किया।उसके बाद कानपुर के जमाते इस्लामी संगठन के अध्यक्ष पद पर 20 वर्ष कार्य किए।सन् 2000 में मदरसा इस्लाह के उपप्रबंधक नियुक्त हुए।सन् 2008 से वर्तमान तक प्रबंधक रहे जिनका उपचार के दौरान फूलपुर निजी अस्पताल में 28 अक्टूबर 019 को सुबह लगभग 3:30 बजे देहांत हो गया। मदरसा के अध्यापकों ने बताया कि प्रबंधक स्वर्गीय मौलाना मिर्जा अशफाक बेग ने नि:शुल्क और बीना लाभ के लगभग 19 वर्ष मदरसा के उन्नति का कार्य किए। नमाजे जनाजा मदरसा इस्लाह के परिसर में मौलाना सरफराज अहमद ने हजारों संख्या में मौजूद लोगों को पढाई उसके बाद मदरसा के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
वह अपनी पढ़ाई मदरसा इस्लाह में करने के बाद उसी मदरसा कुछ वर्षों तक छात्रों को शिक्षा-दीक्षा देने का का काम किया।उसके बाद कानपुर के जमाते इस्लामी संगठन के अध्यक्ष पद पर 20 वर्ष कार्य किए।सन् 2000 में मदरसा इस्लाह के उपप्रबंधक नियुक्त हुए।सन् 2008 से वर्तमान तक प्रबंधक रहे जिनका उपचार के दौरान फूलपुर निजी अस्पताल में 28 अक्टूबर 019 को सुबह लगभग 3:30 बजे देहांत हो गया। मदरसा के अध्यापकों ने बताया कि प्रबंधक स्वर्गीय मौलाना मिर्जा अशफाक बेग ने नि:शुल्क और बीना लाभ के लगभग 19 वर्ष मदरसा के उन्नति का कार्य किए। नमाजे जनाजा मदरसा इस्लाह के परिसर में मौलाना सरफराज अहमद ने हजारों संख्या में मौजूद लोगों को पढाई उसके बाद मदरसा के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
मोहम्मद यासिर सरायमीर
