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देश के सैनिक जो राष्ट्र की अखण्डता के लिए देश की सीमाओं पर जान की बाजी लगा देते हैं।

मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।
आजमगढ़।
आजमगढ़ कार्यालय जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास आजमगढ़ के तत्वाधान में आयोजित पूर्व सैनिक पुनर्मिलन समारोह का जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा शुभारम्भ किया गया। 
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि देश के सैनिक जो राष्ट्र की अखण्डता के लिए देश की सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। उनका में सम्मान करता हुॅ। इसी के साथ ही जिलाधिकारी द्वारा पूर्व सैनिकों/वीर नारियों में बीओजी रिकाडर्स श्रीमती धर्मा देवी पत्नी स्व0 नायक राम आधार यादव ग्राम टण्डवा पो0 कन्धरापुर तहसील सगड़ी, एएससी रिकाडर्स श्रीमती फूलमती देवी पत्नी स्व0 सिपाही धनन्जय राय ग्राम व पो0 पंचखोरा तहसील सगड़ी, एयरफोर्स श्रीमती विद्या शुक्ला पत्नी स्व0 सार्जेंट शुक्ला जय प्रकाश ग्राम मितेहरा पो0 तेरही तहसील सगड़ी, बीईजी रिकाडर्स पूर्व एसपीआर राजेश्वर सिंह ग्राम व पो0 धनछुला तहसील सगड़ी, सिग्नल रिकाडर्स श्रीमती कमला देवी पत्नी स्व0 सिग्नल मैन रामजनम सिंह ग्राम व पो0 बछवल तहसील लालगंज तथा राजपूत रेजीमेंट श्रीमती अंजू सिंह पत्नी स्व0 सिपाही अजय सिंह, इस प्रकार कुल 06 सैनिक/वीर नारियों को प्रतिकात्मक रूप से शाल तथा चेक देकर सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों द्वारा बन्दूक के लाइसेंस के नवीनीकरण तथा ट्रांसफर के समस्या से अवगत कराया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने बन्दूक के लाइसेंस के ट्रांसफर के संबंध में बताया कि जो पूर्व सैनिक अपने बन्दूक का लाइसेंस अपने वारिस को ट्रांसफर करना चाहता है तो वारिस के पक्ष में पुलिस की रिपोर्ट होनी चाहिए। जब बन्दूक खरीदी गयी थी तब से 25 वर्ष से ज्यादा रखा होना चाहिए तथा पूर्व सैनिक जो ट्रांसफर करना चाहता है। उसकी उम्र 61 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए। 
इसी के साथ ही बन्दूक के लाइसेंस के नवीनीकरण के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व सैनिक के शारीरिक फिटनेस के लिए सीएमओ का प्रमाण पत्र होना चाहिए तथा बन्दूक फायर करने की क्षमता होनी चाहिए। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के जिला स्तर के अधिकारी को निर्देश दिये कि पूर्व सैनिकों के उक्त प्रकार की समस्याओं को सूचीबद्ध कर उपलब्ध करायें तो उसका निस्तारण उच्च प्राथमिकता के आधार पर कराया जायेगा। पूर्व सैनिक स्वयं भी उक्त समस्या के संबंध में किसी भी कार्य दिवस में जन सुनवाई के दौरान प्रातः 9ः00 बजे से 11ः00 बजे के मध्य आकर अपनी समस्या से अवगत करा सकता है। उसका निस्तारण किया जायेगा। 
इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर सुरक्षा समितियों में भी पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को शामिल किया जाता है, इसके लिए पहले से ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसी के साथ ही जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि देश की सीमाओं पर शहीद हुए सैनिकों की याद में 26 ग्रामों में शहीद स्मृति वन बनाया गया था, अब उसमें जल्द ही शहीद हुए सैनिकों के बारे में शिलापट्ट लगाया जायेगा, जिससे उनके नामों को लोग याद रख सकें। कार्यक्रम का संचालन सुबेदार रघुनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विंग कमाण्डर एडीशनल डायरेक्टर उ0प्र0 श्याम किशोर पाण्डेय, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी वाराणसी एस चतुर्वेदी, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी आजमगढ़ लेफ्टिनेंट कर्नल ओम प्रकाश चैबे, ओसी ईसीएचएस एसपी पाण्डेय सहित पूर्व सैनिक एवं वीर नारियों उपस्थित रहे।
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