मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।
आज़मगढ़।
बस - टेंपो की भिड़ंत तीन की मौके पर मौत नौ आजमगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती।
सगड़ी।
सगड़ी जीयनपुर थाना क्षेत्र के कैथौली ग्राम सभा के मोड़ पर बस व टेंपो की आमने-सामने 11:30 बजे हुई भिड़ंत मौके पर तीन की मौत नौ गंभीर रूप से घायल जिसमें दो की हालत नाजुक सभी आजमगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती।
जानकारी के अनुसार प्रेमा देवी पत्नी राम भवन निवासी चंद्रापार भेलउर चंगेरी (झझवा) जनपद मऊ की बहन रिंकू(बबिता) निवासी भीमबर पलिया, थाना रौनापार जिसके ससुर पलट राम की मौत होने पर उसके गम में शरीक होने के लिए रिर्जव गांव के ही टेंपो से अपने पड़ोस की अन्य महिलाओं के साथ जा रही थी कि कैथौली गाँव के मोड़ पर सामने से आ रही निजी बस से आमने सामने टक्कर हो गई। जिसमें टेंपू के परखच्चे उड़ गए सड़क से 5 फुट नीचे खाई में टेंपो गिर गई। जिससे टैंपू में सवार बेबी पत्नी रमेश उम्र 35 साल , सुनीता पत्नी रामनयन उम्र 40 साल , सुरस्वती पत्नी प्रकाश उम्र 46 साल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने 108 नंबर एंबुलेंस , हंड्रेड नंबर पुलिस व जीयनपुर पुलिस को सूचित किया मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से 108 नंबर की तीन एंबुलेंस से आनन-फानन में लादकर एस आई हरेंद्र यादव ने जीयनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जहां प्राथमिक इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहा कुछ देर अफरा तफरी के बाद एंबुलेंस से गंभीर रूप से घायलों को आजमगढ़ जिला अस्पताल भेज दिया गया। घायलों में उषा देवी पत्नी बेचू राम उम्र 40 साल , प्रेमा देवी पत्नी राम भवन उम़ 42 साल , अरुण पुत्र मनोज उम्र 5 साल, अभिषेक पुत्र राम भवन 8 साल , कांति पत्नी महेंद्र उम्र 37 साल , माधुरी पत्नी मनोज उम्र 40 साल , चंद्रशिला पत्नी राजू उम्र 38 साल , रीता पत्नी जयसिंह उम्र 35 साल टेंपो चालक अंकुर पुत्र रामकुंवर उम्र 22 साल रहे। जिसमें से रीता और अंकुर की हालत नाजुक बताई जा रही है।
परिजनों की तहरीर पर जीयनपुर पुलिस ने बस चालक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर तीनों शव को आजमगढ जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौत की सूचना पाकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन एकत्रित हो गए परिजनों का रो रो कर बुरा हाल रहा। मृतक बेबी के पास दो पुत्र और एक पुत्री हैं। पति बाहर नौकरी करते हैं। वहीं मृतक सुनीता के पास दो लड़की और एक पुत्र है , मृतक सरस्वती के पास 5 पुत्र हैं और एक पुत्री सरस्वती थी उसकी गोद में जिसको खरोंच तक नहीं आई।