आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 22 अप्रैल-- जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में कोविड-19 वैश्विक महामारी का प्रकोप है, कोविड-19 महामारी की कोई दवा अभी नही बनी है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस स्थिति में रोग से बचाव हेतु शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय करना ही श्रेयष्कर है।
उन्होने बताया कि आयु एवं स्वास्थ्य से जुड़ा विज्ञान होने के साथ ही आयुर्वेदिक प्राकृतिक साधनों के प्रयोग पर बल देता है, रोगों से बचाव का आयुर्वेदिक पक्ष मुख्यतः दिनचर्या एवं ऋतुचर्या पर आधारित है। आयुर्वेद शास्त्रों में उल्लेखित सरल उपायों के द्वारा व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर सकता है। उन्होने बताया कि कोविड-19 के संकट के दौरान स्वयं की देखभाल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयुर्वेदिक उपाये जारी किये गये हैं। जिसमें इम्प्युनिटी सिस्टम बढ़ाने के लिए सामान्य उपाय हेतु पूरे दिन केवल गरम पानी पीयें, आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें, हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए च्वनप्राश 10 ग्राम (एक चम्मच) सुबह लें। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्वनप्राश लें। तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, शोंठ (सूखी अदरख) एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी/काढ़ा दिन में एक से दो बाद पीयें। स्वादानुसार इसमें गुड़ या ताजा नींबू मिला सकते हैं। गोल्डन मिल्क 150 मिली0 गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण दिन मे एक से दो बार लें। सामान्य आयुर्वेदिक उपाय हेतु नस्य-सुबह एवं शाम तिल/नारियल का तेल या घी नाक के दोनो छिद्रों में लगायें। केवल 1 चम्मच तिल/नारियल तेल को लेकर दो से तीन मिनट तक कुल्ले की तरह मुह में घुमायें, उसके बाद उसे कुल्ले की तरह थूक दें, फिर गरम पानी से कुल्ला कर लें। ऐसा दिन में एक से दो बार करें। खाॅसी/गले की खरास के लिए दिन में एक बार कम से कम पुदीने के पत्ते/अजवाइन डाल कर पानी की भाॅप लें। खाॅसी या गले में खरास होने पर लौंग के चूर्ण मंे गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो या तीन बार लें। ये उपाय सामान्य सूखी खाॅसी के लिए लाभदायक है, फिर भी अगर लक्षण बने रहते हैं तो डाक्टर से परामर्श लें।