Breaking News

पत्रकारों की सुरक्षा का मानक तय हो- सैयद काजी अरशद

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: ब्यूरो
 
आजमगढ़, उर्दू प्रेस क्लब के सदर सैयद काजी अरशद ने कहा कि आज समाज की सेवा कर रहे पत्रकार बंधु वह सहाफी जिन्हें चौथा स्तंभ कहा जाता है को ना आज तक पेंशन  मिली ना ही उन्हें बीमे की सहूलियत सरकार द्वारा मिली। पत्रकारिता करने वाले नुमाइंदा सरकार की बातों को जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं और जनता को सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमो  को बताने का काम करते हैं। चौथा स्तंभ कहे जाने वाले एखबार के  नोमाईनदे यह सभी पत्रकार जो मान्यता प्राप्त हो अथवा जिनके पास मान्यता नहीं है और वह भी पत्रकारिता करते हैं उन्हें पेंशन की सहूलियत मुहैया कराने के साथ ही साथ उनका 5000000 का  बीमा भी सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए।  आज पत्रकारों के सामने अपनी जीविका को लेकर के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इनके बच्चों को शिक्षा की सरकारी सहूलियत प्राप्त नहीं है। न हीं  इन्हें आवास की सुविधा प्राप्त है। आज करो ना जैसे प्राणघातक वायरस से लड़ने में  सरकार के साथ कदम बा कदम पत्रकार समाज चल रहा है और सरकार की बातों को जनता तक पहुंचा रहा है चाहे वह प्रिंट मीडिया पत्रकार हो चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार हो इस महामारी कोरोनावायरस में अपनी भागीदारी से सबको अवगत कराते हुए सरकारी स्कीमों को जनता तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं । आज हर क्षेत्र में इस महामारी से जुड़े चिकित्सा के लोग हो चाहे सरकारी अमले के लोगों हो सभी की प्रशंसा की जा रही है परंतु चौथा स्तंभ कहे जाने वाले नुमाइंदों पत्रकारों के बारे में आज एक शब्द भी कोई भी नहीं बोल रहा है। पत्रकारों की सुध लेने वालों में एक एमएलए आगे आए और उन्होंने  ने अपने निधि से ₹100000 का योगदान दिया है इस योगदान ने  पत्रकारों की हौसला अफजाई करने का काम किया है। समाचार पत्रों के माध्यम से बराबर यह मांग उठती रही है कि पत्रकारों को पेंशन दिया जाए इसलिए कि जीविका का कोई साधन नहीं है अब हालात इस तरह के पैदा हो गए हैं कि इनका बीमा भी किया जाए क्योंकि इनके ऊपर  प्राणघातक हमले होते रहे हैं कितनों को अपनी जान गंवानी पड़ गई है इनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था किया जाना नितांत आवश्यक है। मैं यह मांग करता हूं कि वह पत्रकार जो मान्यता प्राप्त हैं अथवा नहीं है और पत्रकारिता से जुड़े हैं उन्हें महाना पेंशन दी जाए और उनका 50 लाख का बीमा किया जाए सरकार इस ओर मजबूती से कदम उठाने का काम करें ताकि इनके परिवार को जीविकोपार्जन  की कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े ।


और नया पुराने