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किसान भाई अपनी फसलों की निगरानी करते रहे, अति आवश्यक होने पर ही रसायनों का प्रयोग करें।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

 आजमगढ़ 09 सितम्बर-- उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़ गोपाल दास ने अवगत कराया है कि पिछले दिनों से वर्षा न होने के कारण धान की फसल में कीट/रोग लगने की संभावना बढ़ गयी है। वर्तमान में पत्ती लपेटक कीट, तना छेदक कीट एवं दीमक कीट लग सकता है। अतः किसान भाई अपनी फसलों की निगरानी करते रहे, अति आवश्यक होने पर ही रसायनों का प्रयोग करें। 
उन्होने बताया कि पत्ती लपेटक कीट की सूड़ियाँ पत्ती के दोनों किनारों को आपस में मिलाकर लपेट देती है तथा अन्दर के हरे पदार्थ को खुरच कर खा जाती है। जिससे पत्तियों में जगह-जगह पर सफेद रंग की पारदर्शक धारियाँ पड़ जाती है। किसान भाई इसे रोग ना समझें, साथ ही किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि यदि प्रति पौधा दो पत्तियाँ प्रभावित हो तो उपयुक्त उपचार करें। इसके उपचार के लिए क्लोरोपायरीफास 20 ईसी या क्यूनालफास 25 ईसी में से किसी एक रसायन की 1.5 ली0 मात्रा या ट्राइजोफास 40 ईसी की 1.25 ली0 मात्रा को 700-800 ली0 पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर फसल पर छिड़काव करें।
तना छेदक कीट की मादा पत्तियों के निचले भाग में समूह में अंडे देती है। यह जिनमें से छोटी-मोटी सूड़िया निकल कर लने में प्रवेश कर उसके अन्दर का भाग खा जाती है जिससे प्रभावित कल्ला सूखने लगता है और इसमें बाल भी नहीं निकलती है, यदि निकलती भी हैं तो वह सफेद रंग की होती है तथा उसमें दाने नहीं बनते। इस कीट के नियंत्रण के लिये कार्बोफ्यूरान 3 जी अथवा कारटाप हाइड्रो क्लोराइड 4 जी में से किसी एक की 20 किग्रा दानेदार मात्रा को 3 से 5 सेमी स्थिर पानी में प्रति हे0 की दर से प्रयोग करें। 
दीमक कीट एक सामाजिक कीट है तथा कालोनी बनाकर रहते हैं। एक कालोनी में लगभग 90 प्रतिशत श्रमिक, 2-3 प्रतिशत सैनिक, एक रानी व एक राजा होते हैं। श्रमिक पीलापन लिये हुए सफेद रंगा के पंखहीन होते है जो उग रहे बीज, पौधों की जड़ों को खाकर क्षति पहुंचाते हैं, अर्थात श्रमिकों के द्वारा अत्यधिक हानि की जाती है। दीमक के नियंत्रण हेतु क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर मात्रा को 20-25 किग्रा बालू में मिलाकर एक हेक्टेयर खेत में बालू बिखेर/छिड़क कर खेत में सिंचाई कर में। 
फसल सुरक्षा की अधिक जानकारी अथवा अन्य किसी समस्या के समाधान हेतु किसान भाई अपने विकास खण्ड स्थित कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी से अथवा उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़, से मो0न0- 9415592498 पर संपर्क कर सकते है।

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