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🚨 पूर्व विधायक सीपू हत्याकांड: जीयनपुर बवाल के मुकदमे वापस, समर्थकों में जश्न


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़। पूर्व विधायक स्वर्गीय सर्वेश सिंह "सीपू" की 19 जुलाई 2013 को हुई बहुचर्चित हत्या के बाद दर्ज जीयनपुर बवाल प्रकरण से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। शासन द्वारा अपराध संख्या 349A/2013 एवं 351/2013 वापस लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है। पूरे क्षेत्र में इस घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है, जबकि सोशल मीडिया पर बधाइयों और आभार संदेशों की बाढ़ आ गई है।

पूर्व विधायक स्व०सर्वेश सिंह "सीपू" के बड़े भाई संतोष सिंह "टीपू" ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे वर्षों के इंतजार के बाद मिला महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

वहीं, पूर्व विधायक वंदना सिंह ने भी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस फैसले का स्वागत करते हुए लिखा कि सीपू हत्याकांड के बाद जीयनपुर बवाल प्रकरण में दर्ज मुकदमा संख्या 349A/2013 एवं 351/2013 वापस लिए जाने से वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इन मुकदमों में 49 नामजद तथा करीब 1000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। लंबे संघर्ष और धैर्य के बाद आए इस निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे "सत्य की जीत, न्याय की विजय" बताया तथा संघर्ष के दौरान साथ खड़े रहे सभी समर्थकों, शुभचिंतकों और नागरिकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

पूर्व विधायक वंदना सिंह फेसबुक पोस्ट

सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक वंदना सिंह द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर शासन ने मुकदमा वापसी की प्रक्रिया पूरी की। इस घटनाक्रम को सीपू समर्थक लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।

गौरतलब है कि 19 जुलाई 2013 को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह "सीपू" की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में चार अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। घटना के बाद पूरे पूर्वांचल में जबरदस्त आक्रोश फैल गया था और जीयनपुर क्षेत्र में हुए बवाल के बाद कई लोगों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए थे। यह मामला पिछले 13 वर्षों से आजमगढ़ की सबसे चर्चित राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं में शामिल रहा।

सन्तोष सिंह टीपू फेसबुक पोस्ट

अब इन मुकदमों के वापस लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली बड़ी राहत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। क्षेत्र में भी इस घटनाक्रम को लेकर व्यापक चर्चा है और समर्थक इसे वर्षों पुराने चर्चित प्रकरण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं।

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