आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़। सगड़ी तहसील के श्री गांधी पी.जी.कॉलेज मालटारी आजमगढ़ के परिसर में दिनांक 17 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर पीपल के पौधों का रोपण किया गया। यह कार्यक्रम वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ.राकेश कुमार यादव के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना बैनर तले संपन्न हुआ।पीपल रोपण के उपरांत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक बलवंत पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि गर्मी से बचने के लिए महंगी ए.सी. से बेहतर है पीपल का वृक्ष लगाया जाए ।इससे रुपए खर्च नहीं होंगे और शीतलता भी मिलती रहेगी। स्वयंसेवक रविशंकर मौर्य ने कहा कि पीपल में भगवान शंकर का वास होता है इसलिए पीपल का पौधा लगाना चाहिए। स्वयंसेवक चंदन चौहान ने कहा कि मानव गर्मी में शीतलता की प्राप्ति हेतु इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उपयोग करता है। जिससे प्रदूषण उत्पन्न होता है यदि पौधरोपण किया जाए तो प्रदूषण भी उत्पन्न नहीं होगा और शीतलता भी मिलती रहेगी। संस्था के एकाउंटेंट श्री दीनानाथ मिश्र ने कहा की सर्वाधिक आक्सीजन देने वाले पौधों में नीम ,बेल तुलसी और पीपल सम्मिलित है लेकिन पीपल का महत्व सर्वाधिक है क्योंकि भगवान कृष्ण ने कहा है कि मैं पीपल में वास करता हूं। इसलिए पीपल के पौधे का रोपण करना चाहिए ।राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. शैलेश पाठक ने कहा कि वृक्षों से मैत्री करना चाहिए। इनमें स्थिरता,शांति, प्रदूषण शोषण की क्षमता, शीतल छाया, उदारता,आश्रय प्रदान करना, आदि गुण होता है, पीपल तो सभी वृक्षों में सर्वश्रेष्ठ है । संस्था के प्राचार्य डॉ.कौशलेंद्र विक्रम मिश्रने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृत में पीपल के पौधे का सर्वाधिक महत्व है यह मान्यता है कि सृष्टि के निर्माता ब्रह्म का वास पीपल में होता है।इस मान्यता को वैज्ञानिकों द्वारा पुष्टि इस बात से की जाती है कि पीपल के पौधे से दिन में तो ऑक्सीजन निकलती ही है रात में भी ऑक्सीजन निकलती है जो प्राणी मात्र के लिए अमृततुल्य है।
सभी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु होने की कामना की कार्यक्रम के समय स्वयंसेवक सेविकाओं के साथ ही बाबू जनार्दन राय, नित्यानंद यादव,उपेंद्र राय के साथ ही बृजेश शर्मा व चंद्रशेखर यादव आदि भी उपस्थित रहे।