आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
यह कृषि विभाग का कार्यालय बेहद ही दुर्दशा और जर्जर स्थिति में है, सारे कमरों की खिड़कियां और दरवाजे जीर्ण शीर्ण स्थिति में है। कार्यालय की दीवारें कमजोर हो चुकी है, कार्यालय के अंदर की हालत तो और भी खराब है, दरवाजे खिड़कियां सब टूट चुके हैं।
छतों से पानी टपकता है, और छत के ऊपर घास फूस उग आए हैं। जिसकी साफ-सफाई भी वर्षों से नहीं हो पाई है, और परिसर के आसपास भी घास फूस का अंबार लगा हुआ है।
कार्यालय परिसर में स्थित कर्मचारियों के रहने के लिए लिए दो राजकीय आवास आवास बना है, उसका भी अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। जो कि आज पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है।
कार्यालय परिसर में कुछ अराजक तत्वों द्वारा अनाधिकृत रूप से लकड़ी रखकर परिसर में अवैध अतिक्रमण भी कर लिया गया है।
इस अधिष्ठान में कुल लगभग 31 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिसमें कृषि विभाग के समस्त तकनीकी कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।
उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय में चार विकासखंड है। अजमतगढ़, हरैया, बिलरियागंज और महराजगंज, जिसमें कृषि विभाग के कर्मचारी विकास खंडों के विभिन्न न्याय पंचायतों में कार्यरत हैं। और यहीं से उनका संचालन होता है। वर्तमान में उक्त अधिकारी का प्रभार जिला कृषि अधिकारी के पास है।
कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत प्रमोद कुमार ने बताया कि- इस कार्यालय की दुर्दशा के बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, अधिकारी यहां पर कार्यक्रमों में आते भी है, और यहां के हालातों से अच्छी तरह वाकिफ भी है। लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया, हालत यह है कि- यहां पर ड्यूटी करते हुए भी डर लगता है। कि- ना जाने कब कोई अप्रिय घटना घट जाए। उन्होंने कहा कि- हम यही चाहते हैं कि शासन प्रशासन इस पर ध्यान दें और इस कार्यालय का जीर्णोद्धार करें।




