आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
एम्बुलेंस के ईएमटी पीड़ित की जान बचाने के लिए परिवार वालों से ज्यादा निभाते हैं जिम्मेदारी।
गंभीर बच्चे की जान बचाने को खुद की पहल, रास्ते में आक्सीजन देते सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल।
आजमगढ़ 29 सितम्बर-- समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो जिम्मेदारियों से भागने की जगह खुद से आगे बढ़कर जिम्मेदारियां निभाते हैं। आप उन्हें जिम्मेदारी दें या न दें, उन्हें अगर जानकारी हो गई है तो वह खुद ही आपसे अपनी जिम्मेदारी लेने पहुंच जाएंगे। ऐसे लोगों पर जिलाधिकारी राजेश कुमार की नजर है। वह खुद से आगे बढ़कर जिम्मेदारियां लेने वालों की सराहना भी करते हैं।
कुछ दिन पूर्व हरैया ब्लाक करकिया देवारा निवासी विष्णु शर्मा और उसकी पत्नी टुन्नी का बच्चा मुबारकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पैदा हुआ था। पैदा होने पर बच्चा बहुत कम रोया था। घर जाने के 20-25 दिन बाद 17 सितंबर 2020 को बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हुई तो दम्पति ने उसे जियनपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से दिक्कत होने पर उसे मुबारकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) तथा बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ0 पी0 यादव के पास लेकर गए। उन्होंने भी बच्चे की हालत गंभीर देख उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया।
एम्बुलेंस सेवा के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रभाकर यादव ने बताया कि बच्चा गंभीर स्थिति में था और बिना आक्सीजन के जीवित नहीं रह सकता था और यह बताना इसलिए भी जरूरी है कि एम्बुलेंस पर मौजूद रहने वाले इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) पर मरीज के स्वास्थ्य की रास्ते में देखभाल करने की जिम्मेदारी होती है। हालांकि इस बच्चे को जिला अस्पताल लेकर जाने के दौरान देखभाल की जिम्मेदारी ईएमटी की तब बनती, जब बच्चे के माता-पिता उसे एम्बुलेंस से ले जाने के लिए प्रयास करते लेकिन स्थिति की गंभीरता की जानकारी होने पर एम्बुलेंस के ईएमटी अरविंद यादव ने खुद ही डाक्टर पी0 यादव से सम्पर्क कर बच्चे की आईडी ली। बच्चे के स्वास्थ्य की गंभीरता उन्हें मालूम थी, इसलिए एम्बुलेंस में ही आक्सीजन देते हुए जिला महिला अस्पताल के न्यू नेटल इंटेसिटी केयर यूनिट (एनआईसीयू) तक उन्होंने पहुंचाया। एम्बुलेंस की सेवा से बच्चे के पिता विष्णु शर्मा बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि जिले में एम्बुलेंस की सेवा बहुत अच्छी है। ईएमटी ने रास्ते में बच्चे की पूरी देखभाल की जिसके लिए मैं उनका शुक्र गुजार हूं।
मुबारकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ0 पी0यादव कहते हैं कि तत्काल सेवा में एम्बुलेंस सेवा का कोई जोड़ नहीं है। नवजात बच्चों का मामला हो, दुर्घटना हो या अन्य गंभीर मामले। यह लोग रास्ते में मरीज की देखभाल करते हुए भी चलते हैं, क्योंकि यह एम्बुलेंस के अंदर आक्सीजन व अन्य जरूरी दवाएं भी लेकर चलते हैं और मरीजों की जरूरत पर उसका उपयोग करते रहते हैं। उस दिन उन्होंने बच्चे के लिए पूरी सक्रियता दिखाई।
