आज़मगढ़।
रिपोर्ट- वीर सिंह
आजमगढ़ 17 अक्टूबर-- प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन व प्रबन्धन हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा सीवीओ को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर पुआल बैंक की स्थापना कराई जाय, जिससे गोवंश को पर्याप्त चारा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसी के साथ ही उन्होने यह भी निर्देशित किया कि पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराये जाने हेतु चारा विकास कार्यक्रम सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर विकसित किया जाय। गोवंश आश्रय स्थलों पर मौजूद पशुओं की संख्या के अनुसार उत्पादित गोबर/गोबर की खाद की नीलामी समिति बनाकर कराई जाय और प्राप्त धनराशि को गोवंश के भरण पोषण में उपयोग किया जाय।
आगे उन्होने निर्देश दिये कि वृहद गो संरक्षण केन्द्र, कान्हा गोशाला एवं अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण अतिशीघ्र कराया जाय, जिससे उसमें गोवंश संरक्षण किया जा सके तथा जनपद को निराश्रित/बेसहारा पशुओं से मुक्ति मिल सके। मृत पशुओं के शव उचित प्रकार निस्तारित कराया जाय, उसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। कुछ स्थानों पर भूमि उपलब्ध न होने के सम्बन्ध में प्रभारी जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी से कहा कि भूमि का चयन करायें।
उन्होने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये कि विकास खण्ड स्तरीय एवं तहसील स्तरीय समितियों की बैठक नियमित रूप से की जाय तथा उसकी कार्यवृत्ति मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाय। गोवंश के भरण पोषण हेतु उपलब्ध कराई गयी धनराशि का आडिट कराये जाने हेतु प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा सीवीओ को कड़े निर्देश दिये गये। उन्होने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश में से अति कुपोषित बच्चों के परिवार को वितरित कराया जाय, जिससे कुपोषण की समस्या से निजात मिल सके।
इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी हरी शंकर, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक सुधीर जायसवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 वीके सिंह, डीपीआरओ लालजी दूबे, जिला कृषि अधिकारी डाॅ0 उमेश कुमार गुप्ता सहित वन, सिचाईं, जिला पंचायत, ग्रामोद्योग एवं नगर पालिका/नगर पंचायतों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।