आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़ : कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक तरफ तो जहां प्रदेश सरकार ने शुक्रवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 7 बजे तक प्रदेश के सभी जिलों में को रोना कर्फ्यू लगाया हुआ है वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद पंचायत चुनाव की मतगणना 2 मई को शुरू होगी जिसके लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के लिए कोरोना की जांच अनिवार्य की गई है जिसे लेकर जांच सेंटरो पर भारी भीड़ उमड़ रही है यह जो तस्वीर आप देखते हैं यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हुखोर जहानागंज की है जहां शनिवार सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके एजेंट लाइन लगाकर जांच कराने में जुटे रहे भीड़ इतनी ज्यादा ठीक है कई बार तो जांच करना है लोगों की स्वास्थ्य कर्मियों से ठीक से झड़प भी हुई। यहां बड़ा सवाल यह है की संक्रमण रोकने के लिए कोरोना की जांच कराई जा रही है लेकिन जो जांच हो रही है उसमें सैकड़ों की भीड़ से क्या संक्रमण होने का खतरा नहीं है, अगर काउंटिंग के बाद जिले में कोरोना का महा विस्फोट होता है तो उसका जिम्मेदार मतगणना को ही माना जाएगा।