आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
आज़मगढ़। पहली मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाने के लिए रैदोपुर,आज़मगढ़ स्थित सामयिक कारवां कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी अम्बिका पटेल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
गोष्ठी की शुरुआत में मई दिवस से सम्बंधित जनगीत "मई दिन हमारा आया है" को संदीप और राहुल ने गाया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉक्टर रवींद्र नाथ राय ने कहा कि- पहली मई 1886 को अमेरिकी मजदूरों द्वारा 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग को लेकर किये गए संघर्ष और बलिदान को याद करने बिगत 130 सालों से "अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस" मनाया जा रहा है।
मई दिवस का संकल्प केवल मजदूरों की मजदूरी और सुविधा बढ़ाने तक ही सीमित नही है बल्कि मुनाफे पर टिकी इस पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंककर मेहनतकश वर्ग की राजसत्ता और समाजवाद कायम रखने का असली संकल्प है।
दुनियां के मेहनतकशों ने पिछले समय से लेकर आज तक अपार संसाधनों और संपत्ति का सृजन किया है।उद्योग,कृषि, शिक्षा,चिकित्सा,संचार व परिवहन आदि सभी क्षेत्रों में अद्वितीय विकास हुआ है लेकिन इन सभी सम्पदाओं और संसाधनों का 90%हिस्सा मुट्ठीभर मुनाफाखोर एकाधिकारी पूंजी गुट व उनके संचालकों के हाथ मे चली गयी है।अन्याय और शोषण पर टिकी हुई यह व्यवस्था बदलनी चाहिए।बिगत 1 वर्षों से कोरोना संक्रमण की स्थिति का फायदा उठाकर एकाधिकार पूंजीवादी ताकते अकूत मुनाफ़ा लूट रही है जबकि समस्त मेहनतकश वर्ग बदहाली की स्थिति में पहुँच चुका है और रोज-रोज मर रहा है।
नए रोजगारों का सृजन तो दूर करोड़ो लोग तालाबंदी,छटनी के कारण बेरोजगार हो चुके हैं।किसान को खेती की बढ़ती लागत के चलते फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है।
इस प्रकार गरीब किसान और ग्रामीण मेहनतकश भयंकर गरीबी में जीने के लिए अभिशप्त हैं।श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी सुधार कर श्रमिकों के हक, कृषि में काले कानून लाकर किसानों के हक और नई शिक्षा नीति लाकर छात्रों के हक मारे जा रहे हैं।
आपदा में अवसर तलाशता हुआ यह जालिम शासकवर्ग कोरोना संकट को अपने आर्थिक, राजनीतिक स्वार्थ में पूरे देश मे फैलाकर आम जनता को दवा,चिकित्सा सेवा,अस्पताल,बेड, वेंटिलेटर,ऑक्सिजन के अभाव में मार रहा है।
ऐसे स्थित में मजदूर दिवस के संकल्प को पूरा करने के लिए हम को मजदूरों,किसानों, छात्रों,बेरोजगारों और सभी गरीबों को गोलबंद करके उनके हक हुकूक की लड़ाई के लिए आगे बढ़ना होगा।
आयोजन में जनवादी लोकमंच, अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच और किसान संग्राम समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें प्रमुख रूप से डॉ रवींद्र नाथ राय,कन्हैया लाल, अनिल चतुर्वेदी, दानबहादुर मौर्य,अम्बिका पटेल, संदीप, अनिरुद्ध, राहुल आदि उपस्थित रहे।
गोष्ठी में covid-19 के नियमों का पूर्णतः पालन किया गया।