आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेन्द्र शर्मा
आजमगढ़: जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे अरुण मिश्रा लालू प्रबंधक महर्षि दत्तात्रेय स्कूल ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को नामित ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकारों से हुई बातचीत में बताया कि कोविड-19 में बंद सभी सेवाओं से लॉक हट गया लेकिन आज तक शिक्षा के मंदिर बंद है जिसके कारण विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं चालक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के समक्ष विकट संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है वही घर पर लगातार बच्चों के रहने के कारण उनमें उदासीनता आ रही है जो नकारात्मकता को बढ़ावा दे रहा है जबकि बाजार खुल गया है। मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल खुल गया है रेलवे और रोडवेज खुल गए हैं
वही शराब की दुकान मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च आर्य सभी खुल गए हैं बच्चों को प्रमोट कर देना ही कोई विकल्प नहीं है जरूरी है विद्यालय को नियमित संचालित होना जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना अति आवश्यक है विद्यालय लगातार बंद होने से प्रबंधन के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो चुकी है स्टाफ का खर्च बैंक वित्तीय सहायता की अदायगी विधि समेत कई खर्चों को अब वह करना मुश्किल है जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और विद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए इस मौके पर संजय निषाद राकेश निषाद अजय पांडे शशांक उपाध्याय मृत्युंजय तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी 2022 में सभी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।
आजमगढ़। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के कार्यालय पर पार्टी सदर विधानसभा क्षेत्र की आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता रामखलन यादव व संचालन जिलाध्यक्ष रामप्यारे यादव ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव रामदर्शन यादव ने बताया कि महंगाई, बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों पर सरकार फेल है। नोटबंदी करके सरकार ने पूरी वित्तीय व्यवस्थाओं को ध्वस्त कर दिया इसके बाद वैश्विक महामारी कोविड-19 से लोगों के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया हैं सरकार केवल आकड़ेबाजी कर के सुर्खियों में बनी हुई जबकि आमजनता का बुरा हाल है। ऐसी निकम्मी, बेपरवाह सरकार को जनता आगामी चुनाव में उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कार्यकर्ता जनता की आवाज बने ताकि आगामी चुनाव में जमीनी स्तर पर संघर्षो के बूते प्रसपा जनता के समस्याओं के निराकरण की चाभी बनकर एक नया इतिहास लिखे। रामदर्शन यादव ने इसके साथ ही अवगत कराया कि आगामी दिनों में होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे, जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही है।
आगामी दिनों पड़ने वाले त्योहारों, कांवड़ यात्रा आदि को शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रशासन हुआ सतर्क।
कमिश्नर और डीआईजी ने तैयारियों का लिया जायजा, महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर दिये आवश्यक दिशा निर्देश।
आज़मगढ़: मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त एवं डीआईजी सुभाष चन्द्र दूबे ने आगामी दिनों पड़ने वाले त्योहारों, कांवड़ यात्रा आदि अवसरों पर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था, साफ सफाई, आवागमन की सुगमता, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य समस्त व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखते हुए प्रत्येक आयोजनों को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने हेतु की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने मंगलवार को अपने कार्यालय के सभागार में जनपदीय अधिकारियों के साथ आयोजित उक्त समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांवड़ियों द्वारा जिन घाटों से जल लिया जाना है, जिन शिवालयों में जल अर्पण किया जाना है और जिन मार्गों से उनका आवागमन होता है, उन सभी मार्गों, घाटों और शिवालयों के रूटों का सम्बन्धित एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्ष तत्काल भ्रमण कर लेें तथा यह सुनिश्चित कर लें कि कांवड़ यात्री जिन स्थानों पर रात्रि विश्राम करेंगे वहाॅं पर सभी व्यवस्थायें चुस्त दुरुस्त हों। उन्होंने निर्देश दिया रूटों के भ्रमण में इस बात का विशेष ध्यान दिया जाय कि जहाॅं कहीं भी बिजली के लटकते हुए मिलें उन्हें तत्काल ठीक करा दें ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित होने की संभावना समाप्त हो सके। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने कहा कि कुछ लोग एवं कुछ संस्थायें भी कांवड़ यात्रियों को के ठहरनेएवं उनके खान पान की व्यवस्था करती हैं, ऐसी स्थिति में उन पर भी सतर्क नज़र रखना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि कांवड़ यात्रा में कोई अश्लील गाना या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला गाना कदापि नहीं बजना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक साल के गैप के बाद कांवड़ा यात्रा निकाली जायेगी, परन्तु इसके लिए शासन के निर्देशानुसार कोविड-19 की गाइडलाइन का अनुपालन जरूरी होगा।
मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने बकरीद के त्योहार के सम्बन्ध में उपजिलाधिकारियों एवं पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर कुर्बानी प्रतिबन्धित है वहाॅं कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाय कि प्रतिबन्धित पशुओं की कुर्बानी किसी भी दशा न होने पाये। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने डीपीआरओ तथा समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कांवड़ यात्रा, बकरीद एवं अन्य त्योहारों पर ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कुर्बानी के अवशेषों को डम्प करने हेतु गड्ढे खुवायें। श्री पन्त समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने क्षेत्रों में दवाओं बिलीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव लगातार कराये ताकि संक्रमण फैलने से बचा जा सके। उन्होंने पानी की सप्लाई निर्बाध्य रूप से किये जाने का भी निर्देश दिया।
डीआईजी सुभाष चन्द्र दूबे ने बैठक में निर्देश दिया सभी क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बकरीद में सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी न होने पाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सावन माह में नागंपचमी मौके पर तथा शुक्रवार को अदा की जाने वाली जुमे की नमाज के समय विशेष सतर्कता बरती जाये। डीआईजी श्री दूबे ने यह भी कहा कि कतिपय राजनैतिक दलों द्वारा तहसीलों पर 15 तारीख को धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, इसलिए इस ओर विशेष सतर्कता बरती जाये।
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बैठक में सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ रूट का भ्रमण पहले ही कर लें, रूटों पर जो बाधायें या कमियाॅं हैं उसे तत्काल दूर कर लें। उन्होने कहा कि सुनिश्चित किया कि कांवड़ा यात्रा हर हालत में निर्धारित रूट से ही गुजरे। इसके अलावा हाईवे पर रूट डायवर्जन हेतु बैरिकेटिंग लगायी जाय और कांवल यात्रियों के लिए सुनिश्चित रूट दिया जाय। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घाटों और शिवालयों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा घाटों पर पुलिस निगरानी की व्यवस्था की जाय तथा घाटों पर जहाॅं पानी अधिक हो वहाॅं रस्सी लगाई जाय और रस्सी के ऊपर रेडियम स्टीकर लगाया जाय ताकि रात्रि में पता चल सके कि इसके आगे पानी अधिक है। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने भी आवश्य दिशा निर्देश दिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, एसपी सिटी पंकज कुमार पाण्डेय, एसपी ट्रैकिफ सुधीर जायसवाल, सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
स्टेन स्वामी की मौत को लेकर वामपंथियों ने निजामाबाद तहसील पर प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन।
आजमगढ: निज़ामाबाद क्षेत्र में फ़ादर स्टेन स्वामी की मृत्यु 84 वर्ष की उम्र में न्यायिक हिरासत में मौत हो गई।जिन्हें कथित रूप से भीमा कोरेगांव मामले में अभियुक्त बनाया गया था।स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत के लिये जिम्मेदार लोगों की जबाबदेही को लेकर तहसील निज़ामाबाद पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं वाम जनवादी,मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।कार्यकर्ता बैनर के साथ हाथों में प्ले कार्ड लिए थे जिसमें लिखा था-फ़ादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत संस्थानिक हत्या है,स्वामी के मौत के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी हो,यूएपीए और एनएसए का दुरुपयोग बन्द हो,लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो,आदि नारे लिखे थे।
मंगलवार को तहसील निज़ामाबाद में सामाजिक,राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुये तहसील का चक्रमण करते हुए मुख्यद्वार पर पहुंचे,जहां मौजूद नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया।
भाकपा राज्य परिषद सदस्य उप्र कामरेड जितेंद्र हरि पांडेय एडवोकेट ने उपस्थित पत्र प्रतिनिधियों के सवालों का जबाब देते हुये कहा कि अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने सबूतों के साथ खबर प्रकाशित किया था कि भीमा कोरेगांव के आरोपी रोना विल्सन की गिरफ्तारी से पूर्व उनके कंप्यूटर में ईमेल प्लांट किये गये।जिसके आधार पर एनआईए ने स्तेन स्वामी,सुधा भारद्वाज, आनंद तेलतुंबड़े जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।स्टेन स्वामी पार्किंसन से पीड़ित थे जिन्हें अंतरिम जमानत भी नही मिली।पांडेय ने नेशनल कैम्पेन ऑन अंगेस्ट टार्चर की 2019 की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि भारत मे हरदिन पांच लोग हिरासत में मर जाते हैं।वर्ष 2019 में पुलिस हिरासत में 117 लोगों की तो न्यायिक हिरासत में1606 लोगों की मौत हुई।वर्ष 2005 से 2018 के बीच कथित तौर पर पुलिस हिरासत में यातना के कारण 500 लोगों की मौत में एक भी दोषी नहीं पाया गया।न्यायालय द्वारा आईटी एक्ट की धारा 66-ए को 6 वर्ष पूर्व खत्म करने के बाद भी पुलिस उसका उपयोग कर रही है।इसका उदाहरण निज़ामाबाद थाना के फरिहा गांव निवासी अरसद जमाल स्वतंत्र पत्रकार हैं।जिनके ऊपर पिछले दिनों 66-ए आदि धाराओं को लगाकर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
वरिष्ट कॉमरेड रामसूरत यादव ने कहा कि वर्तमान प्रदेश और देश की भाजपा सरकार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को प्रताड़ित करने और डराने,धमकाने की नीयत से यूएपीए, एनएसए जैसी धाराओं को निर्दोषों पर लगाकर जेलों में डाल दिया जाता है जिसमे अधिकतर लोग कोर्ट द्वारा निर्दोष साबित होकर बरी हो जाते है।
लखनऊ में दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट।
आज़मगढ़: लखनऊ में दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां, आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) अलर्ट मोड में हैं। गिरफ्तार आतंकियों का आजमगढ़ कनेक्शन जानने की कोशिशें शुरू हो गईं हैं।
पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ सुधीर कुमार सिंह का कहना है पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी घटनाओं में आजमगढ़ के तार जुड़ते रहे हैं । लखनऊ में दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ पुलिस अलर्ट है हर संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, पूर्व की आतंकी घटनाओं में शामिल अपराधियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। आतंकियों के नए मॉडल की जानकारी के लिए संवेदनशील स्थानों पर लोगों से पूछताछ की जा रही है।
आपको बता दें कि वर्ष 2008 में 26 जुलाई को अहमदाबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद आतंकियों के कनेक्शन आजमगढ़ से जुड़ने लगे थे। एटीएस, इंटेलीजेंस टीम ने खंगाला तो आजमगढ़ के सरायमीर निवासी मुफ्ती अबु बशर लखनऊ में हत्थे चढ़ा था।उसके बाद पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं के एक-दूसरे से तार जोड़े तो दो दर्जन युवाओं के चेहरे सामने आए। छानबीन बढ़ी तो आजमगढ़ के तार दिल्ली व अन्य महानगरों में हुए सीरियल धमाकों से जुड़े, फिर बटलाकांड में आतिफ अमीन व छोटा साजिद के मारे जाने के बाद जिला सुर्खियों में छा गया था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का शक तो वर्ष 2007 में ही गहरा गया था, जब रानी की सराय में क्लीनिक चलाने वाला हकीम तारिक कासिमी बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर विस्फोटक के साथ हत्थे चढ़ा था।
अब तक अबु राशिद, शादिक शेख, जाकिर शेख, आरिफ बदर, खलीलुर्रहमान, अंसार अहमद, डाक्टर शहनवाज, बड़ा साजिद, अबू राशिद, मिर्जा शादाब बेग, मु. खालिद, असदुल्लाह अख्तर, आरिज खान उर्फ जुनैद, मोहम्मद सैफ, शाकिब निसार, जीशान अहमद, आरिफ, मुहम्मद हाकिम, मोहम्मद सरवर, सैफुर्रहमान, शहजाद उर्फ पप्पू, सलमान अहमद, मुफ्ती अबु बशर, हकीम तारिक कासमी। अधिकांश आजमगढ़ शहर, सरायमीर, मुबारकपुर व संजरपुर के निवासी के नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आ चुके हैं।
माफिया अखंड प्रताप सिंह की संपत्ति होगी कुर्क, लखनऊ के बहुचर्चित अजीत सिंह हत्याकांड में है आरोपी।
आजमगढ़: लखनऊ के कठौचा चौराहे पर हुए मोहम्मदाबाद मऊ के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल अखंड सिंह के लगभग दो करोड़ की संपत्ति जब्त होगी। पुलिस महकमे द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने सोमवार की शाम जब्तीकरण का आदेश जारी कर दिया। अखंड पर अजीत हत्याकांड के अलावा वाराणसी में हुए ट्रांसपोर्टर हत्याकांड का भी आरोप है। 6 जनवरी को लखनऊ के कठौचा चौराहे पर हुए अजीत सिंह हत्याकांड में अखंड प्रताप सिंह माफिया ध्रुव कुमार सिंह के साथ मुख्य आरोपी है। अजीत की हत्या के लिए अखंड ने ही शुटरों का इंतजाम किया था। अखंड पर भी गैंगेस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज है। गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमा काफी दिनों से सक्रिय है। इसके तहत अखंड की अपराध की दुनिया से अकूत संपत्ति अर्जित किया है।
पुलिस महकमे ने ऐसी लगभग दो करोड़ से अधिक के संपत्ति का ब्यौरा एकत्र कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित किया था। जिस पर जिलाधिकारी ने सोमवार की देर शाम जब्तीकरण का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मेंहनगर तहसील क्षेत्र के जमुवा गांव स्थित गाटा संख्या 410 रकबा 11.265 हेक्टेयर मे से 3.522 हेक्टेयर भूमि जो शिव कुमारी साहब शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के नाम है और जिसे अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह के नाम से क्रय की गई है अनुमानित लागत 10918200 रुपये, ग्राम नदवा के गाटा संख्या 157 के रकबा 1.477 हेक्टेयर में से 0.155 हेक्टेयर अनुमानित लागत 480500, ग्राम नदवा के गाटा संख्या 172 रकबा 1.851 हेक्टेयर में से 0.056 हेक्टर जो वंदना सिंह पत्नी अखंड प्रताप सिंह के नाम है अनुमानित लागत 173600 रुपये मात्र व जमुवा में गाटा संख्या 418 रकबा 2.416 व गाटा संख्या 417 रकबा 2.46 तथा गाटा संख्या 410 रकबा 11.256 हेक्टेयर में से 2.137 हेक्टेयर जो वंदना सिंह पत्नी अखंड प्रताप सिंह के नाम है अनुमानित कीमत 6624700 रुपये है को जब्त करने का आदेश जारी किया गया है। वहीं एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अखंड के लगभग दो करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त करने का आदेश हो गया है एक-दो दिन में ही कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।