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जनशिकायतों का निस्तारण समय सीमा के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्वक करायी जाय।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 12 अगस्त- जिलाधिकारी राजेश कुमार ने समस्त विभागाध्यक्षों/ कार्यालयाध्यक्षों को अवगत कराया है कि जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) पर प्राप्त जनशिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण में प्रायः यह पाया जाता है कि आप द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोगों, मा0 लोक आयुक्त, शासन, परिषद तथा मा0 मुख्यमंत्री जी, जनप्रतिनिधियों/मा0 मंत्रीगण, मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी व अन्य पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों की जॉच आख्या हस्तलेख में अपलोड कर दिया जाता है तथा उसकी हार्ड प्रति टंकित सुदा उपलब्ध नहीं करायी जाती है, जिससे शासन, परिषद एवं विभिन्न प्रकार के आयोगों को अवगत कराये जाने में असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। 
उक्त के अतिरिक्त मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय (सांसद एवं विधायक प्रकोष्ठ) द्वारा समस्त विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष आजमगढ़ को मा0 मंत्री/सांसद/विधायकगण से प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण कराते हुए कृत कार्यवाही से मा0 जनप्रतिनिधिगण को अवगत कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्राप्त प्रकरणों की निस्तारित सन्दर्भो की गुणवत्ता खराब होने के कारण अंसतुष्ट फीडबैक प्राप्त तथा सी-श्रेणीकरण के उपरान्त सन्दर्भो के पुनर्जीवित होने के आधार पर मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा कतिपय अधिकारियों द्वारा जनशिकायतों के समयान्तर्गत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अपेक्षित रुचि न लेने पर चिन्ता प्रकट करते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिये गये है। 
जिलाधिकारी ने समस्त विभागाध्यक्षों/कार्यालयाध्यक्षों को निदेर्शित किया है कि मा0 लोक आयुक्त, शासन, परिषद तथा मा0 मुख्यमंत्री जी, जनप्रतिनिधियों/मा0 मंत्रीगण, मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी एवं अन्य पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की जॉच आख्या टंकितसुदा अपलोड कराये जाने एवं उक्त जांच आख्या की हार्ड प्रति उपलब्ध कराये जाने के साथ ही साथ ही जनशिकायतों का निस्तारण समय सीमा के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्वक करायी जाय। कोई भी सन्दर्भ डिफाल्टर व सी-श्रेणीकरण के कारण पुनर्जीवित न होने पायें। मा0 मंत्रीगण, सांसद सदस्य, विधान परिषद सदस्य एवं विधान सभा सदस्यगण के द्वारा प्राप्त पत्रों के निस्तारण के उपरान्त कृत कार्यवाही की आख्या से सम्बन्धित जन प्रतिनिधिगण को मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय (सांसद एवं विधायक प्रकोष्ठ) द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में अवगत कराना सुनिश्चित करें। यदि समस्त विभागाध्यक्षों/कार्यालयाध्यक्षों द्वारा उपरोक्तानुसार कार्यवाही अमल में नही लायी जाती है तो इसके लिये आप स्वयं उत्तरदायी होंगे।

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