आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा।
आजमगढ़: सगड़ी तहसील के नत्थूपुर गांव में कारगिल युद्ध में शहीद रामसमुझ यादव की शहादत दिवस पर मेला एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। हालांकि इस बार कोरोना काल को देखते हुए पूरा कार्यक्रम संक्षिप्त कर दिया गया था। रामसमुझ यादव के छोटे भाई प्रमोद यादव, पिता राजनाथ, नायब तहसीलदार सगड़ी मयंक मिश्रा, डा. अनूप सिंह यादव, संतोष सिंह टीपू, मनोज कुमार यादव और शंकर यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उपस्थित लोगों ने शहीद रामसमुझ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। श्रद्धांजलि सभा के पूर्व शहीद रामसमुझ यादव के भाई प्रमोद यादव ने क्षेत्र के शहीद सौदागर सिंह की पुत्रवधू अंजना सिंह, शहीद रमेश यादव की बहन शशिकला, शहीद तेजूराम के स्वजन, कारगिल शहीद गुलाब सिंह के पिता बिरजू सिंह, कारगिल शहीद रामसमुझ यादव के पिता राजनाथ सहित क्षेत्र के दर्जनों शहीद परिवारों को प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सगड़ी विधायक बंदना सिंह के प्रतिनिधि संतोष सिंह टीपू ने कहा कि रामसमुझ यादव की शहादत ने इस क्षेत्र के गौरव को बढ़ाया है। देश के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरित किया है। शंकर यादव ने कहा कि वह मां धन्य हैं जिन्होंने रामसमुझ जैसे सपूत को जन्म दिया। नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा ने कहा कि देश और समाज पर मर मिटने वालों का ही नाम अमर रहता है।
शंकर यादव ने कहा कि रामसमुझ यादव की शहादत से सगड़ी ही नहीं पूरा जिला गौरवान्वित महसूस करता है। हमारा सौभाग्य है की सगड़ी में कारगिल के युद्ध में रामसमुझ यादव, रमेश यादव और गुलाब पटेल ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है, वह मां धन्य है जिसने ऐसे सपूत को जन्म दिया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शहीद के छोटे भाई प्रमोद यादव ने कहा कि मेरे भाई की शहादत से पूरा परिवार गौरवान्वित है। जब भी कभी देश के सम्मान पर ठेस आएगी, मेरा पूरा परिवार मर मिटने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। श्रद्धांजलि सभा के पूर्व विद्यालय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।