आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
जातिवादी नेता जाति धर्म की राजनीति कर वोट लेने का करते हैं प्रयास।
भारत परिषद के प्रदेश महासचिव बेचू यादव के नेतृत्व में फूंका गया जातिवादी नेताओं का पुतला।
सामाजिक नेता राजनीति में आए और गांव सरकार लागू कराए।
आज़मगढ़: भारत परिषद के प्रदेश महासचिव बेचू यादव के नेतृत्व में आज जातिवादी नेताओं का पुतला फूंक गांव सरकार को लागू करने की मांग करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
चुनाव करीब आते ही जहाँ हर राजनीतिक दल नफा नुकसान का आकलन कर जातीय समीकरण साधने में जुट जाते है। आगामी 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान चुनाव के लिए भी अभी जोड़ तोड़ शुरू हो गयी है हर राजनीतिक दल अभी से जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशी की तलाश में है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ में जातिवादी नेता का पुतला फूंका गया। जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के सुखमदत्तनगर में सामाजिक संगठन भारत परिषद के प्रदेश महासचिव बेचू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जातिवादी नेताओं का प्रतीकात्मक पुतला फूंक कर विरोध जताया और नारेबाजी भी की इस दौरान बेचू यादव ने बताया कि चुनाव में वोट लेने के लिए नेता जाति धर्म के नाम पर झांसा देकर भोली भाली जनता से वोट लेकर सिर्फ अपना उल्लू सीधा करते है। गांव सरकार को लागू करवाने की पहल नहीं करते है इसलिए इन जाती वादी नेताओ का हम गांव के लोग विरोध करते है। और हम लोग चाहते है कि सामाजिक नेता राजनीति में आयें और सांसद विधायक बनकर निश्चित रूप से गांव सरकार की आवाज को सदन में उठाकर लागू कराने का कार्य करेंगे।