आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: आज दिनांक- 10.08.2021 को एसोसिएश फार एडवोकेसी एण्ड लीगल इनीशिएटिव्स ट्रस्ट (आली) द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में पुलिस अधिकारियों के साथ यौनिक हिंसा के मामले में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें महिला हिंसा (सेक्सुअल ऑफेंस) से संबंधित कानून एवं पुलिस की भूमिका के संबंध में चर्चा किया गया | इस कार्यशाला में यौन अपराध के मामले में एफआईआर तथा बलात्कार संबंधित धाराओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी।
1. अतरंगी रिशेत में चयन और निर्णय लेने का अधिकार- आली ने अंतरंगी रिशेत में चयन और निर्णय लेने के अधिकार से जुड़ कार्यक्रम की शुरूआत की। किसी रिश्ते को स्वीकार करने, उसमें हने या उससे बाहर आने के साथ ही यौनिक स्वायत्ता के मामलों में आली महिलाओं की मदद कर रही है।
2. प्रत्यक्ष हस्तक्षेप- सामाजिक एवं कानूनी मदद।
3. क्षमतावर्धन एवं नेटवर्किंग- हम महिलाओं, युवाओं, वकीलों, पुलिस, डाक्टरो, न्यायतंत्र से जुड़े लोगों और हमारी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अफसरों की क्षमता विकसित करने में मदद करते है, जिससे उन्हें महिलाओं से जूड़े अधिकारों और कानूनों की सही जानकारी हो और इनका सही क्रियान्वयन हो सके।
4. शोध और पैरोकारी- आली द्वारा वैधानिक शोध, तथ्यों की पड़ताल और नीतियों पर पैरोकारी करते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को सही तरह से लागू किया जा सके। साथ ही उनके अधिकार सुनिश्चित हो सकें। इसके लिए हम हितधारकों के साथ मिलकर साक्ष्यों के आधार पर पैरोकारी करते हैं। साथ ही ये सुनिश्चित करते है कि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ सकें।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री सुधीर जायसवाल व जनपद के समस्त थानों के निरीक्षक/उ0नि0 मौजुद रहें।
