आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
सामूहिक स्थलों सब्जी-फल मंडी सप्ताहिक बाजार में की जाएंगी जन जागरुकता गतिविधि।
स्क्रीनिंग कर खोजे जायेगें क्षय रोग के मरीज।
आजमगढ़ – 08 सितंबर 2021: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 2 सितंबर से शुरू हो चुका एक्टिव केस फाइंडिंग एवं निक्षय पोषण योजना (डीबीटी) अभियान 31 अक्टूबर 4 चरणों में चलाया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ परवेज अख्तर ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम 16 सितंबर तक घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी। प्रारंभिक लक्षण वालों के बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके साथ ही एचआईवी एवं डायबिटीज से ग्रसित व्यक्तियों की भी टीबी की जांच की जाएगी। निजी चिकित्सकों, निजी लैब एवं मेडिकल स्टोर में भी एसीएफ़ चलाकर टीबी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
डॉ परवेज अख्तर ने बताया कि दो माह के इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक क्षय रोग की उपलब्ध सुविधाओं को पहुंचाना है। यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी, खांसते समय खून का आना, सीने में दर्द, बुखार, वजन का कम होने की शिकायत हो तो वह तत्काल अपने बलगम की जांच कराए। जनपद में क्षय रोगियों की जांच एवं उपचार पूर्णतया नि:शुल्क उपलब्ध है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक पियूष अग्रवाल ने बताया कि यह अभियान 2 सितंबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर दो माह के तहत चार चरणों में बांटा गया है। प्रथम चरण – 2 से 6 सितंबर तक चलाया गया । वृद्धाश्रम, नवोदय विद्यालय, मदरसे, रैन बसेरा आदि में क्षय रोग कि स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया गया | जिसमें 20 संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके बलगम की ट्रूनाट/ सीबी नॉट द्वारा जांच जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा सुनिश्चित कराते हुए उनमे क्षय रोग की पुष्टि होने के पर निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इनका नियमित इलाज कराया जाएगा |
दूसरा चरण –7 से 16 सितंबर तक विशेष अभियान के तहत जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर व मलिन एवं हाई रिस्क जनसंख्या वाले क्षेत्रों में टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी।
तीसरे चरण- 17 से 30 सितंबर तक जनपद में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के अंतर्गत समस्त चिन्हित समूहों के तहत सब्जी मंडी,फल मंडी, लेबर मार्केट, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट, ईट भट्टे एवं सप्ताहिक बाजार आदि में सघन अभियान चला कर लोगों में क्षय रोग संबंधी जागरुकता उत्पन्न करने के साथ स्क्रीनिंग कि जाएगी |
चौथा चरण- 1 से 31 अक्टूबर तक जनपद के समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सकों, प्राइवेट हॉस्पिटल, प्राईवेट नर्सिंग होम, निजी लैब, पैथालॉजी व मेडीकल स्टोर से संपर्क स्थापित कर उन्हें क्षय रोगियों के नोटिफिकेशन करने के निर्देश दिए जाएंगे। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से उपचार पर रखा जाएगा। और मरीज को डॉट्स सेंटर से भी उन्हें जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त 01 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक के पंजीकृत समस्त क्षय रोगियो का निक्षय पोषण योजना के तहत (डीबीटी) डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर भुगतान पर जोर दिया जाएगा।
इलाज के दौरान मरीज को मिलेंगे हर माह 500 रुपए प्रति माह निक्षय पोषण योजना के तहत उन्हें इलाज के दौरान सरकारी सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह 500 रुपए पोषण युक्त भोजन के लिए दिया जाएगा। एक मरीज की अमूमन छह महीने
तक दवा चलती है। मरीज के ठीक होने के बाद यह राशि बंद कर दी जाती है |
