आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज का भारत और सरदार पटेल विषय पर हुई चर्चा
जीवन पर्यंत किसानों की लड़ाई लड़ते रहे सरदार बल्लभ भाई पटेल -राम ललित चौधरी
रविवार को सरदार बल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती मनाई गई।
आजमगढ़: सगड़ी तहसील के श्री कृष्णा महिला महाविद्यालय बैदौली में रविवार को सरदार बल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राम ललित चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ही किसानों के वास्तविक नेता थे। किसानों की लड़ाई सदैव लड़ते थे, इसी नाते उन्हें सरदार की उपाधि दी गई थी। आज किसानों का जो हाल सरकार ने किया है वह सबको मालूम है।एमएसपी के बहाने केंद्र की सरकार किसानों की जमीन पूजीपतियों के हाथों में देना चाहती है।किसान की जमीन पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी तो किसान क्या करेगा। किसान खेती नहीं करेगा तो क्या खाएगा।छोटे-छोटे धंधे सरकार की अविवेकपूर्ण नीति के चलते पहले ही बंद हो गए हैं। जिससे तमाम नौजवान बेरोजगार होकर सड़कों पर घूम रहे हैं। केंद्र सरकार को किसानों नौजवानों गरीबों के लिए कारगर कदम उठाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल को देश की हमेशा चिंता रहती थी। किसानों और मजदूरों के लिए उन्होंने सदैव संघर्ष किया। देश की एकता और अखंडता के क्षेत्र में किया गया योगदान देश कभी नहीं भुला सकता।
डॉ एचएन पटेल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई ने 560 रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था। राष्ट्र को एकजुट करने के लिए सरदार पटेल द्वारा किए गए प्रयासों को सम्मान देने के लिए इस दिन को एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वही कार्यक्रम के आयोजक विद्यासागर पटेल ने सभी अतिथियों का आभार जताया और कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के विचार और बलिदान देश की एकता और अखंडता की मिशाल हैं। देश की एकता एवं अखंडता सरदार पटेल के बताए गए रास्ते पर चल कर ही सुनिश्चित किया जा सकता है। हमारा परम कर्तव्य है कि हम अपने कार्यों के द्वारा देश की एकता सुनिश्चित करें।
जयंती समारोह को शिव सागर यादव, सारिका पटेल, रामाश्रय राय, जयराम पटेल ,हरिनारायण यादव, राजदेव सिंह, आदि ने संबोधित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के पूर्व सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम शुरू हुआ और सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान मौके पर रामसकल पटेल, नारद पटेल, श्रीनिवास पटेल, सन्दीप पटेल, आदि लोग उपस्थित रहे।