Breaking News

जिलाधिकारी द्वारा निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के लिए किए जा रहे है अभिनव प्रयोग।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

जिलाधिकारी के अभिनव प्रयोग से जनता/किसानो मे खुशी की लहर।

आजमगढ़ 27 जनवरी-- नवागत जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कार्यभार संभालते ही जनपद के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली जनहित से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने जनपद में निराश्रित छुट्टा घूम रहे गोवंश द्वारा फसलों को नष्ट किए जाने के समाचार को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल एक महा अभियान चलाकर गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आवश्यकता अनुसार गोवंश को संरक्षित करने के लिए अस्थाई गौ आश्रय स्थलों का निर्माण भी कराया जाए। 
जिलाधिकारी ने गौ आश्रय स्थलों की मानीटरिंग करने के लिए एक अभिनव प्रयोग करते हुए किसी एक गौ आश्रय स्थल पर उपस्थित होकर जनपद के अन्य गौ आश्रय स्थलों से जूम ऐप के माध्यम से जुड़कर गोवंश की जानकारी लेते हैं। वहां पर उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, जनता एवं पत्रकारों से संवाद स्थापित कर छुट्टा गोवंश की जानकारी प्राप्त कर उनको संरक्षित करने के निर्देश दिए जाते हैं। जिलाधिकारी ने निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाई जा रही जन सहभागिता योजना के अंतर्गत ग्राम प्रधानों को कम से कम 10 गोवंश को गोद लेने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने ग्राम प्रधानो को गोवंश को संरक्षित करने के लिए विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर गोवंश को संरक्षित करने के लिए ग्राम सभा की जमीनों पर अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निर्माण एवं हरे चारे के लिए बरसीन/बाजरा की खेती भी कराने के लिए निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिनव प्रयोग करते हुए निराश्रित गौ आश्रय स्थल से प्राप्त होने वाले गोबर से लट्ठा बनाने के लिए मशीन स्थापित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गोबर से बनने वाली लट्ठा लकड़ी की सप्लाई आसपास के श्मशान घाटों से संपर्क स्थापित कर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी स्वयं भी जनपद के विभिन्न गौ आश्रय स्थलो पर जाकर निराश्रित गोवंश का जायजा लिया करते हैं तथा पशु चिकित्सकों को उनके टीकाकरण एवं खाने पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं।
जिलाधिकारी के प्रयासों से जनपद में अब तक विशेष अभियान के तहत 963 गोवंश को संरक्षित किया गया है। महा अभियान के दौरान कुल 162 पशुओं को सहभागिता योजना अंतर्गत ग्राम प्रधानों को सुपुर्द किया गया है। जिलाधिकारी के प्रयास से निराश्रित गोवंश की जानकारी देने हेतु किसानो के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिस पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति अथवा किसान अपनी शिकायत एवं छुट्टा पशुआें की शिकायत दर्ज करा सकता है। कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 05462-356039 तथा 05462-356040 है।
जिलाधिकारी द्वारा निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के लिए चलाए गए अभियान से जनता/किसान काफी खुश एवं उत्साहित हैं। जिलाधिकारी के इस अभिनव प्रयोग से जनपद मे निराश्रित गोवंश की संख्या में कमी आई है।

और नया पुराने