आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 27 जनवरी-- जिला मजिस्ट्रेट अमृत त्रिपाठी द्वारा 19 जनवरी 2022 को गूगलशीट के माध्यम से जनपद की समस्त गोशालाओं की व्यवस्था के सम्बन्ध में ऑनलाईन बैठक की गयी थी, जिसमें ग्राम पंचायत ईरनी, विकास खण्ड ठेकमा में स्थित गोआश्रय स्थल के सम्बन्ध में जानकारी की गयी, जिसमें यह बताया गया कि रात्रि में गोशाला में कोई चौकीदार नहीं रहता है। पूछने पर बताया गया कि श्रीमती भगिया देवी, ग्राम प्रधान ईरनी द्वारा गोशाला की व्यवस्था में कोई सहयोग प्रदान नहीं किया जाता हैं, जबकि शासनादेश में स्पष्ट रूप से वर्णित किया गया है कि समस्त ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायो (यथा ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगमों) में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है जिसके प्रति श्रीमती भगिया देवी, ग्राम प्रधान ईरनी दोषी हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने श्रीमती भगिया देवी, ग्राम प्रधान ईरनी, विकास खण्ड ठेकमा, से अपेक्षा किया है कि उक्त आरोप के सम्बन्ध में अपना स्पष्टीकरण सुसंगत साक्ष्यों सहित पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित अवधि के भीतर श्रीमती भगिया देवी, ग्राम प्रधान ईरनी द्वारा सन्तोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया तो पंचायत राज ऐक्ट की धारा 95 (1) छः के तहत् कार्यवाही सम्पादित कर दी जायेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी ग्राम प्रधान ईरनी की होगी।