आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 23 मार्च-- माननीय उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा- निर्देशों के अनुपालन में आज जिला कारागार आजमगढ़ में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़, सुश्री अनीता की अध्यक्षता में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेल में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित बन्दियों को उनके कानूनी अधिकारों, प्लीवारगेनिंग, कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों के अधिकार एवं निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त जिला कारागार में निरूद्ध (महिला और पुरूष) बन्दियों, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के बारे में, शासन की योजनाओं के बारे में एवं पीसीपीएनडीटी के प्रावधानों से भी जागरूक किया गया।
शिविर में उपस्थित बन्दियों से वार्ता की तथा उन्हें निःशुल्क पैरवी हेतु अधिवक्ता की आवश्यकता के सम्बन्ध में पूछा । शिविर में उपस्थित बन्दियों ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी हेतु उनके पास अधिवक्ता है तथा उनके स्वास्थ्य अनुरूप भोजन व दवा, साफ सफाई इत्यादि की व्यवस्था हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला कारागार , आजमगढ़ में निरुद्ध बन्दियों (महिला/पुरूष) से उनकी परेशानी के बारे में पूछा गया एवं जिस पर सचिव ने जेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बन्दियों की समस्याओं का निस्तारण करायें। इस दौरान सचिव ने कहा कि ऐसे बन्दी जो अत्यन्त गरीब है, जिनका कोई पैरोकार नहीं है, ऐसे बन्दी निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र है। जेल निरीक्षण के दौरान उपस्थित बन्दीगण व जेल प्रशासन को सचिव द्वारा कोरोना के प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए बताया गया कि इस महामारी के दौर में माननीय उच्च न्यायालय तथा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना हम सबका कर्तव्य है और सर्वहित के लिए मास्क, सेनेटाइजर का प्रयोग व सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।
निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित बन्दियों से वार्ता की गयी तथा उनके द्वारा बतायी गयी समस्या के समाधान हेतु जेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिये गये।
इस मौके पर डिप्टी जेलर आनन्द कुमार, श्रीधर यादव, महिला डिप्टी जेलर नीलम कुमारी व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहें।