Breaking News

माँ सरस्वती के साधकों का अपमान करने वाले कभी न कभी हारते जरूर है।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह 

लेख: दौलत शोहरत शक्ति सत्ता और खानदानी नशे में चूर कुछ नेता और नेत्रियाॅ कुछ सीधे-साधे पढें लिखे और भोले भाले लोगों की क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। इस्तेमाल करने के बाद ऐसे सीधे साधे पढें लिखे और भोले भाले लोगों को नींबू की तरह निचोड़ कर कूड़ेदान में फेंक देते हैं । परन्तु ये अंहकारी बददिमाग और संस्कृति और सभ्यता के नाम पर तीसरे दर्जे के बदतमीज़ ये नहीं समझते कि कुदरत का फैसला कुछ और होता है। कुदरत का फैसला सरासर इंसाफ का होता है। मै सहज सरल भावुक किस्म का इंसान 2019 मे जुलाई महीने में एक राजनीतिक परिवार की भावनात्मक धोखाधड़ी का शिकार हो गया। पूरी ईमानदारी से अपना कार्य करने के बाद मैं उस अहंकारी परिवार द्वारा नीबू की तरह निचोड़ कर कूड़ेदान में फेंक दिया गया। मुझे तनिक भी मलाल नहीं है क्योंकि मैने अपना काम ईमानदारी से किया था। हम लोग माॅ सरस्वती के साधक हैं और हम माॅ सरस्वती से यही  प्रार्थना करेंगे कि सरस्वती के साधकों को नींबू की तरह निचोड़ कर कूड़ेदान में फेंकने वालों को भी सुबुद्धि और सद्भाव सदगति और सचरित्रता प्रदान करें।

और नया पुराने