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करगिल शहीद की बहनों के घर मकर संक्रांति पर उपहार लेकर पहुचे इफ्तेखार आज़मी।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

सरकार द्वारा उपेक्षित कारगिल शहीद की बहनों के घर समाजसेवी इफ्तेखार आजमी ने पहुंचाई खिचड़ी।

14 वर्ष से शहीद की बहनों  को भाई का फर्ज पूरा करने में लगे है।

आज़मगढ़: जहाँ सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है।सगड़ी के इस शहीद का परिवार उपेक्षा का दंश झेलरहा है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के कारगिल शहीद रमेश यादव की बहनों की सुधि ली इफ्तेखार आजमी ने 14 वर्षों से शहीद की बहनों को बहन मानकर हिंदू रीति रिवाज से प्रत्येक मौके पर  पहुचाते है। अजमतगढ़ निवासी इफ्तेखार आजमी नवोदय विद्यालय गाजीपुर में बार्डन के पद पर कार्यरत हैं । इस कार्य मे उनकी पत्नी चंदा आजमी पूरा सहयोग करती है ।
बताते चले कि नत्थूपुर निवासी अपने माता-पिता की इकलौती संतान रमेश यादव वर्ष 1999 में देश के लिए शहीद हो गए। लेकिन सरकार द्वारा उपेक्षा का शिकार हो गए। जिनके बाद उनकी दो बहनों शशिकला व चन्द्रकला की वर्ष 2008 से भाई का फर्ज निभाने की प्रतिज्ञा की और तबसे अब तक प्रतिवर्ष उनको अपनी बहन मानकर रक्षाबंधन पर्व व खिचड़ी पर्व पर हिंदू रीति के अनुसार उनके घर पर पहुंचकर भाई की कमी को पुरा करते हैं।
इस वर्ष नथ्थूपुर गांव में शनिवार के दिन दो बजे पहुंचकर शहीद की बहन शशि कला व चंद्रकला और उनके पुत्र निर्मला,स्नेहा व मोनू को खिचड़ी लेकर पहुंचे जिनमें दोनों बहनों व बच्चों के लिए कपड़ा लाई,गट्टा आदि हिंदू धर्म के अनुरूप रिवाज निभाते हैं।
 वही अपने भाई की कमी को पूरा कर रहे इफ्तेखार आजमी व चंदा आजमी को अपने घर पर खिचड़ी पर्व पर पाकर बहनों के खुशी के आंसू निकल जाते हैं।

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