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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने ऑन लाइन हाजिरी पर की बैठक।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

सरकार के नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने की हो रही तैयारी।

सोमवार को शिक्षक बाह पर काली पट्टी लगा कर किया विरोध।

आजमगढ़: प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 9 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर मीटिंग रख सरकार के नीतियों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। जिसमें 7 जुलाई 2024 को शिक्षक भवन लखनऊ में बैठक कर यह निर्णय गया कि "संघ’ शिक्षक शिक्षिकाओं के हित के लिए बना है। दिनांक 8 जुलाई से ऑनलाइन उपस्थिति के संबंध में बताया गया कि यह अव्यावहारिक है लीव माड्यूल में बिना कोई संशोधन के पूर्णतया यह आदेश अव्यावहारिक है।
 इस अव्यावहारिक आदेश को वापस करने के लिए शिक्षक शिक्षिकाएं लड़ाई का बिगुल आज फूंक दिया।इसकी शुरुआत सोमवार से उपस्थित ना भेजने से प्रारंभ कर दिया। संघ का आह्वान है तब लड़ाई लड़ी जाएगी ,जब अव्यावहारिक आदेश वापस ना ले लिया जाएगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसके रणनीति को तैयार कर ली है,9 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर मीटिंग,11, 12 जुलाई को इस अव्यावहारिक आदेश असहमत/सहमत हस्ताक्षर अभियान, ततपश्चात 11,12 जुलाई को ही अव्यावहारिक आदेश के खिलाफ असहमत का प्रस्ताव सभी शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा पास कर असहमत के हस्ताक्षर सहित जिले स्तर पर एकत्र विभाग के मुखिया/शासन को भेजा जाएगा कि कितने शिक्षक शिक्षिकाएं इस अव्यावहारिक आदेश से सहमत है,13 जुलाई को जिले स्तर पर मीटिंग,15 जुलाई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन।एक प्रति महानिदेशक को भी बाय पोस्ट भेजी जाएगी,जिसमें यह लिखा होगा कि यदि आदेश वापस नहीं हुआ तो जिले पर धरना प्रदर्शन होगा उसकी अगली  रणनीति और भी व्यापक तरीके से तय की जाएगी। इसी क्रम में शिक्षक प्रमोद यादव का कहना है कि सरकार को ऑनलाइन उपस्थिति के संदर्भ में सबसे पहले उनके आने-जाने की व्यवस्था सुदृढ़ कराए। शिक्षकों को उनके घर से महज 15किलोमीटर के दायरे में रक्खा जाय।अंतर्जनपदीय शिक्षकों को उनके जिले में स्थानांतरित किया जाय ।उन्होंने कहा कि शिक्षक को विद्यालय पहुंचने में तमाम तरह की कठिनाइयों को झेलना पड़ता है जिससे इस तरह के मौसम में विद्यालय पर समय से पहुंचना संभव नहीं।

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