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तहबरपुर में पुलिस मुठभेड़ में 25-25 हजार के दो इनामी आरोपी घायल, गिरफ्तार; तमंचे और नकदी बरामद


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के दो वांछित आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुर भेजा गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे, पांच कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र नसीरुद्दीन (22 वर्ष), निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली और सोनू अली उर्फ असगर पुत्र शमशेर (27 वर्ष), निवासी बजेड़ा भगवानपुर, थाना जैतीपुर, शाहजहांपुर के रूप में हुई है। दोनों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

रेकी के बाद घरों में चोरी का आरोप

पुलिस के अनुसार, 28/29 सितंबर की रात तहबरपुर पुलिस वांछित आरोपियों की तलाश में क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि चोरी के मामलों में वांछित आरोपी करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।

पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर दोनों आरोपियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और करीब 3:15 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो तमंचे, खोखे और कारतूस बरामद किए। घायल आरोपियों को उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। घटनास्थल से फील्ड यूनिट ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए।

SUV से रेकी कर चोरी करने का दावा

पूछताछ में पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास SUV खड़ी कर आसपास के गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां चोरी करना आसान हो। इसके बाद रात में छत या मकान के पीछे से प्रवेश कर मशीन की मदद से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले काटकर जेवरात और नकदी चोरी की जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद गिरोह के सदस्य निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे, जहां SUV से उन्हें वहां से निकाला जाता था। चोरी से प्राप्त रकम को आपस में बांटने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अंबेडकरनगर में चोरी की घटनाओं से जुड़े होने की जानकारी सामने आने का दावा किया है। आजमगढ़ में अहरौला की दो, तहबरपुर की दो और बिलरियागंज की दो तथा अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक घटना के अनावरण की बात पुलिस ने कही है।

गिरोह के छह सदस्य अब तक गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इससे पहले 20 अगस्त 2026 को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500 वाहन, मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए गए थे।

अब दिलशाद और सोनू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के अनुसार गिरोह के कुल छह सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं आफताब पुत्र जाकिर और नेसार पुत्र नसीर, दोनों निवासी बरेली, अभी फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

दोनों आरोपियों पर कई मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में 13 मुकदमे, जबकि सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी और संबंधित धाराओं के मामले शामिल हैं।

तहबरपुर थाने में दोनों के खिलाफ चोरी से संबंधित मुकदमों के साथ मुठभेड़ की कार्रवाई के संबंध में मु0अ0सं0 135/2026, धारा 109(1) बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है।

पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और बरामदगी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित जांच एवं विधिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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