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सोने की चेन लूट और फायरिंग मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने मोबाइल बरामद किया


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकान से सोने की चेन लेकर भागने और पीछा करने पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश यादव पुत्र मनीराम यादव, निवासी टोडरपुर रासेपुर, थाना मेहनगर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक वीवो Y16 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को मंझारी बाजार स्थित राज ज्वैलर्स पर दो युवक सोने की चेन खरीदने पहुंचे थे। आरोप है कि करीब आठ ग्राम वजन और 1.10 लाख रुपये कीमत की चेन पसंद करने के बाद दोनों ने भुगतान के लिए क्यूआर कोड मांगा। दुकानदार के रुपये चेक करने में व्यस्त होने के दौरान दोनों चेन लेकर भागने लगे। पीछा किए जाने पर आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर अवैध असलहे से फायरिंग की, जिसमें दुकानदार बाल-बाल बच गया।

शोर सुनकर ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को बैरमपुर में पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, उनके कब्जे से अवैध असलहा, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए थे। घटना में प्रयुक्त बताई गई मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जांच के दायरे में ली थी।

इस मामले में थाना तहबरपुर में मु0अ0सं0 142/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), 309(4) सहित बाद में धारा 3(5), 111 बीएनएस तथा आयुध अधिनियम की संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। विवेचना के दौरान पुलिस ने राकेश यादव समेत कई अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आने की बात कही थी और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को उपनिरीक्षक सूर्यपाल की टीम ने राकेश यादव की तलाश में उसके घर पर दबिश दी। पुलिस को देखकर उसके भागने का प्रयास करने पर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से काले रंग का वीवो Y16 मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने उसे सुबह 8:11 बजे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस ने राकेश यादव के विरुद्ध मेहनगर थाने में वर्ष 2012 में धारा 302, 34, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज होने की भी जानकारी दी है। इस पुराने मामले का उल्लेख पुलिस के आपराधिक इतिहास में किया गया है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सूर्यपाल, कांस्टेबल सुनील यादव और कांस्टेबल प्रभू मौर्या शामिल रहे।

नोट: पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप और दर्ज मुकदमे विवेचना का विषय हैं। आरोपी के संबंध में अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होंगे।

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