दुल्हन से लेकर पिता-भाई और रिश्तेदार तक बने थे गिरोह के सदस्य, बरदह पुलिस ने सात को पकड़ा
19,650 रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े और दो बाइक बरामद
आजमगढ़। शादी कराने के नाम पर लोगों को कथित तौर पर ठगने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का बरदह पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य दुल्हन, उसके पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर फर्जी शादी का पूरा ड्रामा रचते थे। शादी के बाद रुपये, आभूषण और कपड़े लेकर फरार हो जाते थे।
मामला बरदह थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 9 सितंबर 2026 को शिकायत दी थी कि उसके बेटे की शादी कराने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए एक युवती की तस्वीर भेजी गई थी। इसके बाद उन्हें बरदह क्षेत्र के बंधवा महादेव मंदिर बुलाया गया, जहां युवक की युवती से शादी कराई गई।
शिकायत के मुताबिक, शादी के दौरान दुल्हन को नाक की कील और 80 हजार रुपये नकद दिए गए। शादी के बाद युवक दुल्हन को लेकर घर के लिए निकला। आरोप है कि बंधवा मोड़ के पास कथित पिता, भाई और एक अन्य व्यक्ति ने युवक को वाहन से उतार दिया और दुल्हन व रुपये लेकर फरार हो गए।
मामले में बरदह थाने में मुकदमा अपराध संख्या 301/2026 के तहत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया।
कोदहरा चौराहे पर दबोचा
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को उपनिरीक्षक मनीष सिंह की टीम को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी कोदहरा चौराहे पर एकत्र होकर कहीं भागने की तैयारी में हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिलों के पास मौजूद पांच पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान नकदी, मोबाइल फोन, आभूषण और कपड़े बरामद किए गए।
पूछताछ में सामने आया गिरोह का तरीका
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने शादी के नाम पर ठगी करने की बात बताई। गिरोह ऐसे लोगों की तलाश करता था जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। इसके बाद महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसकी तस्वीर भेजी जाती और शादी तय कराई जाती थी।
पुलिस के अनुसार, मंदिर में शादी के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य युवती के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर लड़के पक्ष का विश्वास हासिल करते थे। शादी के बाद रुपये, आभूषण और कपड़े हासिल करने के बाद विवाद और मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लड़के पक्ष को वहां से जाने के लिए मजबूर किया जाता था। बाद में मिले सामान को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में महिला आरोपी दुल्हन बनी थी। बजरंगी बिन्द और बहादुर उर्फ राजू ने उसके भाई तथा राजन विश्वकर्मा ने पिता की भूमिका निभाई थी। रामबिलाश और जय किशन उर्फ अजीत रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल हुए थे।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19,650 रुपये नकद, एक जोड़ी पायल, मंगलसूत्र, एक जोड़ी कान के झुमके, नाक की कील, सिन्दूर की डिब्बी, दो साड़ी, पैंट-शर्ट का कपड़ा और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, बजरंगी बिन्द के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आजमगढ़ में ठगी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ जौनपुर और आजमगढ़ में चार अभियोग दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस ने मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और बरामदगी का अंतिम परीक्षण न्यायालय में होगा।