ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी पैरवी, विशेष पॉक्सो/गैंगस्टर न्यायालय ने सुनाया फैसला
आजमगढ़। जनपद में चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत चोरी के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि एक वर्ष नौ माह 18 दिन के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 9 अक्टूबर 2026 को विशेष पॉक्सो/गैंगस्टर न्यायालय, आजमगढ़ ने सुनाया।
पुलिस के अनुसार, मामला अतरौलिया थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज किया गया था। 16 जून 2024 को खोजापुर निवासी हरेंद्र विश्वकर्मा पुत्र शिवचंद विश्वकर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गौरी गांव निवासी विशाल राजभर ने उनके घर का ताला तोड़कर कीमती जेवरात, एलसीडी टीवी और 20 हजार रुपये चोरी कर लिए।
इस मामले में थाना अतरौलिया में मुकदमा अपराध संख्या 216/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 457, 380, 411 और 413 में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर न्यायालय ने विशाल राजभर को दोषसिद्ध ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि को कारावास की सजा माना और 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मामले में सजा सुनाई गई।