जयपुरिया स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया सुरक्षा के बताए गए उपाय
आजमगढ़। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आजमगढ़ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं और आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर बुलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों का संचालन अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देशन में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में किया गया। इसी क्रम में कंधरापुर थाना क्षेत्र स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने बताया कि साइबर अपराधी अनजान लिंक, फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान स्रोत से ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अपना पासवर्ड, ओटीपी, निजी तस्वीरें और अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर बुलिंग से बचाव पर जोर
जागरूकता कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने समझाया कि सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी बनकर डराने-धमकाने वाले लोगों के दबाव में आकर धनराशि ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल की सत्यता की जांच आधिकारिक माध्यमों से करनी चाहिए।
इसके साथ ही साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों पर भी चर्चा की गई। इंटरनेट पर धमकी देने, आपत्तिजनक संदेश भेजने और निजी तस्वीरों या जानकारियों का दुरुपयोग करने जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई।
मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने की सलाह
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता सेटिंग सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने तथा मोबाइल और ऐप को नियमित रूप से अपडेट रखने की सलाह दी। साथ ही किसी भी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करने और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं और आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और साइबर अपराध होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराने की अपील की।