लखनऊ।
अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा को लेकर मुस्लिम समाज विचलित है। समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने बड़ा बयान दिया। समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा कि यदि धर्म सभा में ही फैसला होना है, तो न्यायालय, संसद को क्यों बनाया गया है, इन सब को खत्म कर देना चाहिए, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद द्वारा धर्म सभा का आयोजन किया जा रहा है।
समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने ऐलान किया है कि इस धर्म सभा में जो भी निर्णय होगा, उसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार होगी। वहीं इस धर्म सभा को लेकर मुस्लिम वर्ग विचलित है। समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा कि ये देश में एक भय का माहौल बनाया जा रहा है।
समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट से फैसला आना है, तो ये दूसरा पक्ष इतना उतावला क्यों हो रहा है। ये सब चुनावी फायदा पहुंचाने की साजिश है। धर्म सभा करके भय का माहौल पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। क्या इन्हें भारत के संविधान पर विश्वास नहीं है या फिर सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है।
समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा कि अभी अंतराष्ट्रीय स्तर पर जो भारत की छवि एक धर्मनिरपेक्षता के रूप में जा रही है, उस छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वर्ग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को मानेगा। आज तक किसी भी मुस्लिम नेता ने ये नहीं कहा, कि हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को नहीं मानेंगे। अब तो आलम ये हो गया है कि साफ तौर पर चैलेंज किया जा रहा है। ये किस तरह की भाषा का प्रयोग हो रहा है। ये साजिश है, सिर्फ वोट की और लोकसभा चुनाव 2019 की है,समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा है कि सभी मुस्लिम भाइयों से अपील की है कि आप लोग शांति व्यवस्था बनाए रखे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करें,समाजसेवी ने कहा कि यहां लड़ाई मंदिर की नही है सारी लड़ाई जमीन की है जो करोड़ों कि है, उन हिंदू भाइयों से भी अपील की है कि आप लोग शांति व्यवस्था बनाए रखे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करें, समाजसेवी ने कहा कि कुछ लोग माहौल को गरमाने में लगे हुए हैं जो कि सरासर बहुत गलत है। समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वह किस मुंह से उत्तर प्रदेश आए हैं क्या मैं भूल गए जो उत्तर पूर्वी के लोगों पर इन्होंने हमला करवाया था. समाजसेवी फैजल उर्फ बन्ने खाँ ने कहा की राम का नाम जितना बदनाम हो रहा है उतना कभी नहीं हुआ था राम एक अहिंसा वादी थे क्या यह लोग उन्हीं के रास्ते पर चल रहे हैं। बिल्कुल नहीं।
रिपोर्ट- ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ