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इंडोनेशिया से लगभग 60 बाद, फेसबुक आईडी से सम्पर्क कर अपने भारतीय भाई से मिलने पहुंच कलामुद्दीन।

आज़मगढ़।

सरायमीर। इंडोनेशिया से लगभग 60 वर्ष बाद फेसबुक आईडी से सम्पर्क कर अपने भारतीय भाई से मिलने पहुंचे आजमगढ़ के मंजीरपट्टी गांव कलामुद्दीन परिवार के कुछ सदस्यों के साथ।
ज्ञात हो ग्राम मंजीरपट्टी थाना सरायमीर आजमगढ़ निवासी वसीम पुत्र अबुल जैश ने दिनांक 26 अक्टूबर 019 को प्रेसवार्ता बुलाई जिसमें अबुल जैश और इंडोनेशिया से भाई कलामुद्दीन 61 , ताजेद्दीन 59 व अरहमुद्दीन , सानिया भतीजा व भतीजी मौजूद थे।इंडोनेशिया से आए दोनों भाइयों ने अंग्रेजी भाषा अपने इतिहास को बताया जिसका अनुवाद उनके भारतीय भतीजे वसीम अहमद ने करते हुए बताया कि मेरे दादा मोहम्मद फरीद ने सन् 1939 में रोजी-रोटी के लिए इंडोनेशिया चलें गए। दादा के इंडोनेशिया जाने के लगभग छः माह में मेरे पिता का जन्म हुआ। युद्ध होने के कारण दादा मोहम्मद फरीद दूसरी शादी इंडोनेशिया में कर ली जिससे उनके वहां सात पुत्र चार पुत्रियां पैदा हुए। सन् 1975 में मो. फरीद भारत आए और छः महीने में उनकी भारत में ही मौत हो गई। फिर इंडोनेशिया के परिवार के सदस्यों की कोई जानकारी नहीं थी। इसी वर्ष अगस्त के महीने में गांव के मो. सालिम पुत्र मो. ताहिर के फेसबुक आईडी जिसपर मंजीरपट्टी लिखा था देखकर कलामुद्दीन चाचा ने फेसबुक पर सालिम से सम्पर्क कर मेरे के सम्बंध में जानकारी ली और मेरे पिता अबुल जैश से मोबाइल पर बात की फिर बातचीत का सिलसिला चलता रहा उसके बाद 18 अक्टूबर 019 को एक वर्ष का वीजा के साथ मंजीरपट्टी गांव मेरे घर आए।10 नवम्बर 019 को भारत से इंडोनेशिया वापस चले जाएंगे। कलामुद्दीन एयर क्राफ्ट कम्पनी के इंजीनियर के पद पर थे जो सेवानिवृत्त हो गए ताजेद्दीन का निजी चश्मा का कारोबार है यह लोग इंडोनेशिया में समाजसेवी कार्य भी करते हैं ।

मोहम्मद यासिर सरायमीर 

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