Breaking News

रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की हुई जीत।

हरदोई।

रिपोर्ट: विशाल बाजपेयी

पाली (हरदोई)- नगर पाली में चल रहे ऐतिहासिक मेले का मंगलवार को रावण दहन के साथ समापन को गया। रावण दहन के बाद पूरा क्षेत्र जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। इसके साथ बुराई पर अच्छाई की जीत हुई।

पाली नगर में चल रही ऐतिहासिक राम लीला में मंगलवार को जब कौशल्या नंदन राम का लंकापति रावण के साथ भयंकर संग्राम शुरू हुआ राम अपनी तीर बाणों से उसके अंगों को काटते लेकिन वह पुना जुड़ जाते  विभीषण से उसकी मौत का राज मालूम होते ही राम ने अन्याय और अहंकार के प्रति दशानन का वध कर दिया लीला की प्रस्तुति के दौरान दिखाया गया कि भाई व पुत्रों की मौत के बाद अकेला हो गया लंकापति पराजय स्वीकार करने के मूड में नहीं था वह युद्ध भूमि में अपने मायावी रथ पर सवार होकर उतर पड़ा देवराज इंद्र ने अपना प्रभु श्रीराम के लिए रथ भेज दिया दोनों में भीषण संग्राम हुआ राम अपने  नोक दार बाडों से उसके अंगों को काटते लेकिन वह पुनः जुड़ जाते श्रीराम यह देखकर अचंभित हो गए तब  विभीषण ने राज बताते हुए कहा इसकी  नाभि में अमृत है जब तक अमृत विद्यमान रहेगा उसे मारना असंभव है तब भगवान राम ने एक साथ 31 बाण छोड़े एक ने रावण की नाभि का अमृत सुखा दिया तो शेष ने उसके हाथों सिरोको तन से जुदा कर दिया और रावण का अंत हो गया वहीं श्री राम की जय जयकार होने लगी।

रावण कुंभकरण के पुतले ठीक से जल भी ना पाए थे कि लोग खापजिओ  को खींच कर भागने लगे यहां पर ऐसी मान्यता है कि इन खापजिओ को चारपाई में लगा देने पर घर में गंभीर बीमारी नहीं होती है। 

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व चेयरमैन कमलाकांत बाजपेई ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अधर्म के मार्ग पर चलने वालों को हमेशा ही बुरा हश्र हुआ है उन्होंने कहा कि लोग मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरित्र से प्रेरणा लेने का प्रयास करें । 

रामलीला ग्राउंड पर आकर्षक आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया वहीं आतिशबाजी का लुफ्त लोगों ने जमकर लिया। इस मौके पर पाली व क्षेत्रवासी हजारो की संख्या में मौजूद रहे।
और नया पुराने