आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़। सुभाष चंद्र दुबे नवागंतुक पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा आज दिनांक 22/01/2020 को समय 1:30 बजे पुलिस लाइन सभागार कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया इस मौके पर जनपद के समस्त मीडिया प्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ प्रो0 त्रिवेणी सिंह, स0पु0अधि0/क्षेत्राधिकारी नगर(आईपीएस) श्री ईलामारन जी, प्रतिसार निरीक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार दुबे व अन्य अधिकारीगण व कर्मचारी गण मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में लंभुआ क्षेत्र के निवासी सुभाष चंद्र दुबे वर्ष 2005 बैच के आईपीएस है जो बतौर पुलिस अधिक्षक उत्तर प्रदेश के जनपद कन्नौज, श्रावस्ती, हाथरस, औरैया, गाजीपुर(दो बार), कानपुर देहात, सोनभद्र, आगरा, मुजफ्फरनगर, सन्त रविदास नगर, झांसी,सहारनपुर, एटीएस,आदि में अपनी सेवाए दे चुके है।
श्री दुबे डीआईजी आजमगढ़ तेज तरार व ईमानदार आईपीएस अधिकारी है। जिनकी गिनती दबंग अफसरो में होती है। और इसके साथ ही इनकी पहचान सख्त अधिकारी व निष्पक्ष कार्यशैली अधिकारी के रूप में जाने जाते है। 2005 बैंच के आईपीएस श्री सुभाष चन्द्र दुबे सर्वप्रथम राजधानी लखनऊ में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी के पद के रूप में तैनाती हुई शुरू से ही जनता की सुनवाई के साथ साथ अपराधियों पर नकले कसना शुरू किया बदमाशों ने नेहरू एनक्लेव में छात्र नेता विनोद त्रिपाठी व गौरव सिह को गोलियों से भून दिया था। वर्चस्व की जंग में हुए दोहरे हत्या काण्ड से राजधानी दहल गई थी। उस समय श्री दुबे ने अपनी टीम के साथ अपने अंदाज में बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में ईनामी बदमाश जयसिंह को मार गिराया तथा उसके दो साथी अंशु दिक्षित व सुधाकर पाण्डेय बिहार में भयभीत होकर आत्मसमर्पण किया। इस एंकाण्टर से जनता व आला अफसरों ने काफी सराहना की थी।
शासन की मंशा अनुरूप अपराध व अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो जिसका परीक्षण करना मेरा उत्तरदायित्व है।
श्री दुबे ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और कानून व्यवस्था के साथ जन सामान्य की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है फिर जनता की अपेक्षा चाहे ईमानदारी को लेकर हो निष्पक्षता को लेकर हो, कानून व्यवस्था को लेकर हो या फिर भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को लेकर हो अगर पुलिस जनता की अपेक्षा पर खरी नहीं उतर रही है तो कैसे उसे खरा उतारा जाए, यही प्राथमिकता रहेगी।
सीएए से संबंधित जागरूकता व आने वाली समस्याओं को निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
शिकायतों का तत्काल मौके पर असली निरीक्षण कर मामले को त्वरित निस्तारित किया जाए।
तहसील दिवस व समाधान दिवस पर पड़े प्रार्थना पत्रों को राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित निस्तारण किया जाए।
शिकायतकर्ता प्रॉपर चैनल स्तर से स्थानीय लेबल से निपटारा नहीं हो रहा हो तो सीओ, एडिशनल, एसपी के माध्यम से निस्तारण किया जाए।
यद्यपि निस्तारण नहीं होता है वह मामला मेरे पास आता है तो डीआईजी आजमगढ़ अपने स्तर से उस मामले का निस्तारण करेंगे।