आज़मगढ़।
सरायमीर। ईद-उल-फितर की नमाज़ लाॅकडाउन के कारण अपने अपने घरों में अदा की।
ज्ञात हो कि मुस्लिम समुदाय के लोगों का पवित्र रमजान के तीस दिन के रोज़ा रखने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार आता है जिसमें ईद का चांद निकलने के दूसरे दिन सुबह स्नान करके अपने अपने हैसियत के अनुसार नये नये कपड़े पहन और खुशबु लगाकर अपने घर के सदस्यों के साथ गांव की ईदगाह में सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर ईद-उल-फितर की नमाज़ अदा करते और संसार में अमन-चैन की ईश्वर से प्रार्थना करते उसके बाद एक-दूसरे से मिलते-जुलते ईद की बधाई देते हुए एक-दूसरे के घर पहुंचकर मीठे मीठे पकवान खाकर खुशी का इजहार करते थे
परंतु इस वर्ष पूरा संसार कोरोना वायरस महामारी बीमारी से जूझ रहा है उससे बचाव के लिए भारत सरकार के द्वारा 23 मार्च 020 से लाॅकडाउन लागू किया गया है
इस में एक-दूसरे से मिलने चार से अधिक एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाया गया है मस्जिद व ईदगाह में ईद की नमाज़ अदा करने पर प्रतिबंध लगाया है मुसलमानों ने लाॅकडाउन का पालन करते हुए सरकार के आदेशानुसार ईद-उल-फितर की नमाज़ अपने अपने परिवार के सदस्यों के साथ घरों में अदा किया और अपने नात-रिस्तेदार वह सखी सम्बंधीयों को मोबाइल पर ईद के त्यौहार का इजहार करते हुए बधाई दी।सुरक्षा के दृष्टि से कस्बा में पुलिस फोर्स गश्त करती रही।
परंतु इस वर्ष पूरा संसार कोरोना वायरस महामारी बीमारी से जूझ रहा है उससे बचाव के लिए भारत सरकार के द्वारा 23 मार्च 020 से लाॅकडाउन लागू किया गया है
इस में एक-दूसरे से मिलने चार से अधिक एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाया गया है मस्जिद व ईदगाह में ईद की नमाज़ अदा करने पर प्रतिबंध लगाया है मुसलमानों ने लाॅकडाउन का पालन करते हुए सरकार के आदेशानुसार ईद-उल-फितर की नमाज़ अपने अपने परिवार के सदस्यों के साथ घरों में अदा किया और अपने नात-रिस्तेदार वह सखी सम्बंधीयों को मोबाइल पर ईद के त्यौहार का इजहार करते हुए बधाई दी।सुरक्षा के दृष्टि से कस्बा में पुलिस फोर्स गश्त करती रही।
रिपोर्ट: मोहम्मद यासिर