लखनऊ।
रिपोर्ट:वीर सिंह
ब्यूरो लखनऊ। माध्यमिक कम्प्यूटर शिक्षक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष जनार्दन यादव नेे मांग किया है कि केन्द्रपुरोनिधानित योजना से तैयार4000 विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब्स हैं वो धूल फांक रहे हैं, इन विद्यालयों मे शिक्षक नहीं है जो शिक्षक ict योजना से रखे गये थे वो बेरोजगार है।
आज covid19 वैश्विक बीमारी के कारण सरकार आनलाइन शिक्षण कार्य शुरू कराने की व्यवस्था की है, उसमें गरीब परिवार के बच्चे जो सामाजिक एवं आथिर्क रुप पिछड़े हुए हैं। वह इस समय संचालित कक्षाओं से वंचित हो रहें हैं या यह कहें वंचित किया जा रहा है। जहाँ प्रदेश में एक ओर गरीब परिवारों को खाने लिए राशन नहीं है घर नहीं है , मोबाईल नहीं है, tv नहीं है उनके बच्चे आनलाइन शिक्षण कार्य कैसे करेंगे? 4000 विद्यालय में जब पिछले तीन चार सालों से कम्प्यूटर शिक्षण पूर्ण रूप से ठप हैं तो बच्चे कैसे आनलाइन शिक्षण कार्य शुरू करेगें?
हमारे विचार से इस आधी अधूरी व भेदभाव शिक्षण कार्य को सही ढंग व दृढ़ निश्चय व संकल्प के साथ संचालित करने के लिए पूर्व में कम्प्यूटर शिक्षण कार्य कर चुके शिक्षकों से शिक्षण कार्य शुरू कराया जाए जिससे गरीब बच्चों को आनलाइन पढा़ई का ढंग, व कम्प्यूटर जैसी महत्वपूर्ण शिक्षा नि:शुल्क एवं आसानी से मिल सके। विभिन्न सोसलमिडिया ट्वीट आदि माध्यम से मा० प्रधानमंत्री ,जी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ,एवं उत्तर प्रदेश शिक्षा मंत्री जी अवगत कराया गया है।