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तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह सितम्बर (01 सितम्बर 2020 से 30 सितम्बर 2020 तक) का शुभारम्भ किया गया।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

 आजमगढ़ 07 सितम्बर-- जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अन्तर्गत तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह सितम्बर (01 सितम्बर 2020 से 30 सितम्बर 2020 तक) का शुभारम्भ किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा 03 बच्चों का वजन मशीन के द्वारा वजन भी कराया गया, जिनका वजन सामान्य श्रेणी में था।
जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, हमारे बच्चे देश के भविष्य हैं और बच्चों को कुपोषण मुक्त करना है। जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य अतिकुपोषित बच्चों का चिन्हिकरण एवं प्रबंधन तथा पोषण वाटिकाओं की स्थापना एवं उसका विकास करना है। 
जिलाधिकारी ने समस्त सीडीपीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से समस्त विकास खण्डों में जो भी कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चे हैं, उनका नियमित रूप से घर-घर जाकर पूरे मनोयोग के साथ शत प्रतिशत चिन्हांकन करना सुनिश्चित करें। इसी के साथ ही यह भी ध्यान रखें कि जो भी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां चिन्हीकरण के कार्य में लगी हैं, वे कोविड-19 के गाइडलाइन का अनुपालन करें, मास्क लगायें तथा अपने पास सेनिटाइजर अवश्य रखंे। उन्होने बताया कि कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों के चिन्हांकन के बाद उनको पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाय, धात्रि महिलाओं/गर्भवती महिलाओं को भी कुपोषण के प्रति जागरूक किया जाय।
आगे उन्होने बताया कि सैम बच्चों (सीवियर एक्यूट मलन्यूट्रीशन) का चिन्हांकन करने के लिए आरबीएसके की टीम लगायी है, सैम बच्चों (गंभीर तीव्र अतिकुपोषित बच्चे) को एनआरसी तक लाने के लिए नाॅन-कोविड 108 एम्बूलेंस लगायी गयी है। उन्होने आरबीएसके की टीम को निर्देश दिये कि जो भी सैम बच्चे हैं, उनको एनआरसी पर तत्काल पहुॅचायें, जिससे उनका समय से टीकाकरण हो एवं सैम की श्रेणी से बाहर आ सकें। 
उन्होने बताया कि आईसीडीएस विभाग को 220 व शिक्षा विभाग को 400 पोषण वाटिका बनाये जाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 220 पोषण वाटिकाओं को बनाये जाने के लिए उन प्राथमिक विद्यालयों का चयन कर लिया गया है, जिसमें आंगनवाड़ी केन्द्र स्थापित हैं एवं विद्यालय में बाउण्ड्रीवाल भी हैं। शिक्षा विभाग द्वारा 400 पोषण वाटिका बनाये जाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया जाना है। 
जिलाधिकारी ने बताया कि पोषण वाटिका जिला पंचायती राज, मनरेगा, शिक्षा विभाग एवं ग्राम प्रधान के सहयोग से बनाया जायेगा, उद्यान विभाग द्वारा पोषण वाटिका के लिए बीज व पौधे उपलब्ध कराया जायेगा। 
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी व बीएसए को निर्देश दिये कि जहाॅ-जहाॅ पोषण वाटिका बनाया जायेगा, उसमें सब्जियों के साथ-साथ सहजन का भी पौधा लगाया जाना है। इसी के साथ ही डीपीआरओ को भी निर्देश दिये कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत जहाॅ-जहाॅ लाभार्थियों द्वारा शौचालय बनाया गया है, उसके पास भी सहजन का पौधा लगवाना सुनिश्चित करें। 
आगे जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि जो 220 पोषण वाटिका बनाने हेतु जगह का चिन्हांकन किया गया है, उसकी सूची विद्यालयवार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं जिन-जिन विद्यालयों में पोषण वाटिका बनते जायेंगे, उनके फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, सीएमओ डाॅ0 एके मिश्रा, डिप्टी सीएमओ डाॅ0 वाईके राय, प्राचार्य डायट/प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय, डीआईओएस डाॅ0 वीके शर्मा, डीसी मनरेगा बीबी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, जिला कृषि अधिकारी डाॅ0 उमेश कुमार गुप्ता, डीपीआरओ लालजी दूबे, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह, जिला सूचना अधिकारी डाॅ0 जितेन्द्र प्रताप सिंह सहित संबंधित सीडीपीओ उपस्थित रहे।

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